खाद्य व्यवसाय पर फोकस
PepsiCo India के CEO, Jagrut Kotecha ने कहा कि भारत उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक बाजारों में से एक है और यहां ग्रोथ की अपार संभावनाएं हैं। इसी को देखते हुए कंपनी ₹5,700 करोड़ का यह निवेश 2030 तक पूरा करेगी। इस फंड का इस्तेमाल मध्य प्रदेश में एक नया कॉन्सेंट्रेट्स प्लांट (concentrates plant) लगाने और असम व तमिलनाडु में स्नैक फूड (snack food) के उत्पादन को अपग्रेड करने के लिए किया जाएगा। मध्य प्रदेश और असम में विस्तार के काम जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। तमिलनाडु में जमीन की खरीद इस क्षेत्र में कंपनी की मौजूदगी को मजबूत करने के लिए अहम साबित होगी।
बाज़ार की चाल और कॉम्पिटिशन
PepsiCo India और South Asia की CFO, Savitha Balachandran के अनुसार, 2025 में कंपनी के खाद्य व्यवसाय में पिछले साल की तुलना में लगभग 11% की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, खराब मौसम और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण पेय पदार्थ (beverage) वाले सेगमेंट को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा। भारतीय पेय बाज़ार में Coca-Cola India और PepsiCo India का दबदबा रहा है, लेकिन अब Reliance Consumer के Campa ब्रांड के आने से प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है। 2025 के अंत तक के 12 महीनों में, PepsiCo India ने ₹9,789 करोड़ के कुल रेवेन्यू पर ₹905 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (profit after tax) दर्ज किया था।
भविष्य की संभावनाएं
यह बड़ा निवेश PepsiCo India को भारत में बढ़ती मांग का फायदा उठाने में मदद करेगा। कंपनी खासकर स्नैक फूड सेगमेंट पर ध्यान केंद्रित करके अपनी मजबूत वितरण नेटवर्क और ब्रांड पहचान का लाभ उठाना चाहती है। पेय पदार्थ के क्षेत्र में चुनौतियों के बावजूद, भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ाने की PepsiCo की प्रतिबद्धता, लंबे समय में खाद्य और पेय दोनों क्षेत्रों में विश्वास दर्शाती है। यह विस्तार भारत जैसे तेजी से बढ़ते उपभोक्ता बाज़ार में अपनी मार्केट हिस्सेदारी बनाए रखने और प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा करने के लिए महत्वपूर्ण है।
