Delhi High Court ने PepsiCo को बड़ा झटका देते हुए 'एनर्जी ड्रिंक' लेबल हटाने के FSSAI के फैसले पर फिलहाल कोई राहत देने से इनकार कर दिया है। इस रेगुलेटरी बाधा के चलते कंपनी के लोकप्रिय ब्रांड Sting की सप्लाई अगले **2 महीने** में प्रभावित हो सकती है।
सप्लाई चेन पर मंडराया संकट
दिल्ली हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब PepsiCo के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। कंपनी को FSSAI के नियमों के मुताबिक अपने प्रोडक्ट्स की पैकेजिंग बदलनी होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी का मौजूदा इन्वेंट्री स्टॉक अगले 2 महीनों में खत्म हो सकता है। यदि कंपनी को राहत नहीं मिलती है, तो बाजार में Sting जैसे प्रमुख ब्रांडों की शॉर्टेज देखने को मिल सकती है, जिसका सीधा असर कंपनी की सेल्स वॉल्यूम और रेवेन्यू पर पड़ सकता है।
प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले चुनौती
इस मामले में एक बड़ा पेंच यह है कि बाजार में सभी कंपनियों के साथ एक जैसा व्यवहार नहीं हो रहा है। जहां PepsiCo, Monster Energy और Reliance Consumer Products फिलहाल इस नियम का पालन करने को मजबूर हैं, वहीं Red Bull ने कोर्ट से स्टे (Stay) ऑर्डर हासिल कर लिया है। इसका मतलब है कि Red Bull अपने पुराने लेबल के साथ बिक्री जारी रख सकता है। यह स्थिति PepsiCo के लिए चुनौतीपूर्ण है क्योंकि बाजार में उपलब्ध अपने प्रतिस्पर्धी के मुकाबले उसे अपनी मार्केट विजिबिलिटी खोने का डर है।
Sting ब्रांड का महत्व
Sting ब्रांड ने भारत में PepsiCo के नॉन-अल्कोहलिक बेवरेज पोर्टफोलियो को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। अपनी किफायती कीमत के कारण यह ब्रांड ग्रामीण और शहरी युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय है। अब निवेशकों की नजरें 30 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि कंपनी को इस रेगुलेटरी संकट से उबरने के लिए क्या रास्ता मिलता है।
