PepsiCo India और Coca-Cola के बड़े बॉलर SLMG Beverages ने फेस्टिव सीजन के दौरान शानदार सेल्स ग्रोथ दर्ज की है, लेकिन कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के चलते मार्जिन पर दबाव दिख रहा है।
भारतीय फेस्टिव सीजन में फूड और बेवरेज इंडस्ट्री ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ी है। PepsiCo India का फूड डिविजन स्थिर ग्रोथ बनाए हुए है, जहाँ कंपनी अब प्रीमियम और हेल्थ-कॉन्शियस स्नैक्स पर दांव लगा रही है। साथ ही, अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए कंपनी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर आक्रामक विस्तार कर रही है।
बेवरेज सेक्टर में भी रौनक
बेवरेज सेगमेंट में भी माहौल काफी गर्म है। Coca-Cola के प्रमुख बॉलर SLMG Beverages ने इस त्यौहारों के दौरान डबल-डिजिट सेल्स ग्रोथ रिपोर्ट की है। खासकर नवरात्रि के बाद डिमांड में तगड़ा उछाल आया और दिवाली गिफ्ट पैक्स ने वॉल्यूम बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि नए साल तक यह ट्रेंड बरकरार रहेगा।
इनपुट कॉस्ट का दबाव (Profit Margin Challenge)
बिक्री तो खूब हो रही है, लेकिन एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर के सामने चुनौती भी कम नहीं है। शुगर, पाम ऑयल और कच्चे तेल (Crude Oil) से जुड़ी पैकेजिंग सामग्री की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जो कंपनियों के मुनाफे यानी नेट प्रॉफिट मार्जिन को काट रही है।
फिलहाल, डिमांड को बरकरार रखने के लिए कंपनियों ने अपने दाम स्थिर रखे हैं और बढ़ी हुई कॉस्ट का बोझ खुद झेल रही हैं। लेकिन बाजार जानकारों का मानना है कि दिवाली के बाद कंपनियों के पास प्राइस हाइक लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। निवेशकों के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कंपनियां बिना वॉल्यूम घटाए दाम बढ़ा पाएंगी, क्योंकि इसी से आने वाली तिमाहियों में उनकी कमाई का रास्ता तय होगा।
