भारत के ऑनलाइन फर्नीचर बाजार में एक समय अग्रणी रही Pepperfry को TCC कॉन्सेप्ट ने एक डिस्ट्रेस सेल में अधिग्रहित किया है। यह सौदा लगभग INR 800 करोड़ से INR 1,000 करोड़ के बीच हो सकता है, जो इसके शिखर मूल्यांकन (लगभग INR 3,100 करोड़) से काफी कम है। कुछ अनुमानों के अनुसार यह 500 करोड़ रुपये से भी कम हो सकता है। Pepperfry कई समय से खरीदार तलाश रही थी क्योंकि बिक्री स्थिर थी, नकदी खर्च (cash burn) अधिक था, इकाई अर्थशास्त्र (unit economics) खराब थी, और वह आयातित डिज़ाइनों पर निर्भर थी, जिससे बिना बिकी इन्वेंट्री बढ़ गई। ऑफलाइन स्टूडियो में अत्यधिक खर्च, प्रीमियम मूल्य निर्धारण और प्रतिस्पर्धियों (जैसे Ikea, Wakefit) से प्रतिस्पर्धा ने भी नुकसान पहुंचाया। वित्तीय वर्ष 22 में, 247 करोड़ रुपये के परिचालन राजस्व के मुकाबले 458 करोड़ रुपये का खर्च था, जिसमें विपणन (marketing) सबसे बड़ा खर्च था। यह डील नई-युग की ई-कॉमर्स कंपनियों की चुनौतियों को उजागर करती है और इस क्षेत्र में समेकन (consolidation) का संकेत दे सकती है।
पेप्परफ्राई का TCC कॉन्सेप्ट द्वारा डिस्ट्रेस सेल में अधिग्रहण, मूल्यांकन में भारी गिरावट
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ऑनलाइन फर्नीचर रिटेलर Pepperfry को कथित तौर पर TCC कॉन्सेप्ट, एक स्मॉल-कैप रियल एस्टेट सेवा फर्म, एक डिस्ट्रेस सेल में अधिग्रहित कर रही है। सौदे का मूल्य 500 करोड़ रुपये से 1,000 करोड़ रुपये के बीच होने का अनुमान है, जो Pepperfry के शिखर मूल्यांकन से काफी कम है। यह अधिग्रहण Pepperfry की IPO योजनाओं के कमजोर बिक्री, उच्च लागत, खराब फंडामेंटल और प्रीमियम मूल्य निर्धारण के कारण फीके पड़ने के बाद हुआ है।
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