Pee Safe ने हेल्थकेयर इन्वेस्टर OrbiMed के नेतृत्व में $32 मिलियन (लगभग ₹260 करोड़) की सीरीज सी फंडिंग हासिल की है। यह फंडिंग कंपनी के लिए एक बड़ा माइलस्टोन है, खासकर तब जब D2C स्पेस में प्रॉफिटेबल ग्रोथ (profitable growth) हासिल करना एक बड़ी चुनौती है। Pee Safe ने फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) में ₹82 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया और अपने नुकसान को घटाकर सिर्फ ₹4 करोड़ कर लिया है। इस नई पूंजी का इस्तेमाल कंपनी भारत के लगभग 100 शहरों से अपनी पहुंच को बढ़ाकर 5,000 से अधिक रिटेल आउटलेट्स तक ले जाने और जनरल ट्रेड, मॉडर्न ट्रेड और फार्मेसी जैसे चैनल्स में अपनी सेल्स टीम को मज़बूत करने में करेगी।
सिर्फ मौजूदा प्रोडक्ट्स (feminine and intimate hygiene) को बढ़ाने के अलावा, Pee Safe अब एक ऐसे बड़े मार्केट सेगमेंट पर फोकस कर रही है, जिस पर अब तक उतना ध्यान नहीं दिया गया है - वह है मेनोपॉज (menopause) से जुड़े वेलनेस प्रोडक्ट्स। कंपनी पेरिमेनोपॉज (perimenopause) और मेनोपॉज से संबंधित नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने की तैयारी में है। कंपनी का लक्ष्य अब ब्रांड बिल्डिंग (brand building) पर भी ज़्यादा खर्च करना है, ताकि कंज्यूमर एंगेजमेंट (consumer engagement) को बढ़ाया जा सके। आपको बता दें कि 2023 में सीरीज बी फंडिंग से पहले, पिछले पांच सालों में कंपनी ने 100% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल किया था।
Pee Safe की ग्रोथ को सरकारी नियमों में आए सकारात्मक बदलावों का भी फायदा मिल रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में मासिक धर्म स्वच्छता (menstrual hygiene) को एक मौलिक अधिकार (fundamental right) घोषित किया है। इस फैसले से मेंस्ट्रुअल हाइजीन प्रोडक्ट्स की पैठ और तेज़ होने की उम्मीद है, जो 2017 में 20% से कम थी और अब 30-35% तक पहुंच गई है। भारत में वुमन हेल्थ मार्केट (women's health market) तेज़ी से बढ़ रहा है और 2030 तक इसके $2.5 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें मेनोपॉज सेगमेंट एक हाई-ग्रोथ एरिया है। क्विक कॉमर्स (quick commerce) एक ज़रूरी डिस्ट्रीब्यूशन चैनल बना हुआ है, हालांकि इस सेक्टर में हाइजीन स्टैंडर्ड्स को लेकर कुछ जांच-पड़ताल भी हुई है।
Pee Safe का मुकाबला P&G के Whisper, Johnson & Johnson के Stayfree जैसे स्थापित ब्रांड्स के साथ-साथ Sirona Hygiene, Nua और Healthfab जैसे नए D2C ब्रांड्स से है। हाल ही में, Marico ने फरवरी 2026 की शुरुआत में Cosmix Wellness में 60% हिस्सेदारी खरीदी है, जो वेलनेस सेक्टर में कंसॉलिडेशन (consolidation) और स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट (strategic investment) को दर्शाता है। Pee Safe के हालिया फाइनेंशियल परफॉरमेंस में नुकसान कम हुआ है और एनुअलाइज्ड रेवेन्यू रन रेट ₹150 करोड़ से ऊपर है, लेकिन ROCE और EBITDA मार्जिन अभी भी निगेटिव में हैं। कंपनी का लक्ष्य अगले तीन सालों में ₹500 करोड़ का टॉपलाइन हासिल करना है और साथ ही EBITDA को हमेशा पॉजिटिव रखना है। कंपनी की अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी 23 मार्केट्स में है, खासकर मिडिल ईस्ट और सऊदी अरब में अच्छी ग्रोथ दिख रही है, जो आगे ग्लोबल एक्सपेंशन (global expansion) के लिए रास्ता खोलती है।