Patanjali Foods ने FY27 की पहली तिमाही में ₹11,337 करोड़ का रिकॉर्ड रेवेन्यू दर्ज किया है। कंपनी के एडिबल ऑयल मार्जिन उम्मीद से बेहतर रहे, लेकिन मैनेजमेंट ने डीमर्जर (Demerger) और शेयर बायबैक (Share Buyback) की अटकलों को खारिज कर दिया है। नतीजतन, नतीजों के बाद शेयर में **2.16%** की गिरावट देखी गई।
कंपनी ने की रिकॉर्ड कमाई, पर शेयर क्यों फिसला?
Patanjali Foods ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में शानदार प्रदर्शन करते हुए ₹11,337.45 करोड़ का रिकॉर्ड रेवेन्यू दर्ज किया है। यह पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 29.33% की जबरदस्त बढ़ोतरी है। हालांकि, शेयर बाजार में नतीजों के बाद 18 अगस्त 2026 को स्टॉक में 2.16% की गिरावट दर्ज की गई। इसकी मुख्य वजह पिछले तिमाही के मुकाबले नेट प्रॉफिट में आई लगभग 35.9% की गिरावट रही, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
एडिबल ऑयल और FMCG सेगमेंट का प्रदर्शन
कंपनी के मैनेजमेंट ने बताया कि एडिबल ऑयल (Edible Oil) बिजनेस ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। EBITDA मार्जिन 5.22% रहा, जो कंपनी के 2-4% के लक्ष्य से काफी ऊपर है। यह कंपनी के लिए अहम है, क्योंकि वह कम मार्जिन वाले एडिबल ऑयल बिजनेस और ज्यादा मार्जिन वाले FMCG (Fast-Moving Consumer Goods) पोर्टफोलियो के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। FMCG सेगमेंट में भी 35.39% की मजबूत साल-दर-साल ग्रोथ देखी गई और इसका रेवेन्यू ₹2,937.75 करोड़ रहा। हालांकि, मैनेजमेंट ने माना कि ग्रामीण इलाकों में मांग (Rural Demand) कमजोर रहने से कुछ दबाव बना हुआ है, जिसे वे ऑपरेशनल एडजस्टमेंट से ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं।
डीमर्जर और बायबैक पर मैनेजमेंट का स्पष्ट जवाब
शेयरधारकों को बड़ी राहत देते हुए CEO संजीव आस्थाना (Sanjeev Asthana) ने साफ कर दिया है कि कंपनी FMCG बिजनेस को डीमर्ज (Demerge) करने या शेयर बायबैक (Share Buyback) करने की कोई योजना नहीं बना रही है। बाजार में ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि कंज्यूमर गुड्स डिवीजन को अलग किया जा सकता है, लेकिन मैनेजमेंट ने इसे फिलहाल पाइपलाइन में नहीं बताया है। कंपनी के पास पर्याप्त कैश रिजर्व (Cash Reserve) और फ्री कैश फ्लो (Free Cash Flow) जनरेशन है, जो मौजूदा ऑपरेशंस और ग्रोथ प्लान के लिए काफी है, इसलिए बायबैक की तत्काल कोई आवश्यकता नहीं है।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस और रेगुलेटरी अपडेट्स
प्रमोटर ग्रुप (Promoter Group) द्वारा Magma General Insurance में हिस्सेदारी खरीदने की हालिया रेगुलेटरी मंजूरी पर कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह Patanjali Ayurved का अलग वेंचर है। Patanjali Foods अपनी बैलेंस शीट या कैपिटल रिजर्व का इस्तेमाल इस अधिग्रहण के लिए नहीं करेगा। इसके अलावा, कंपनी GST से जुड़े बकाया जुर्माने (GST Penalties) का प्रबंधन कर रही है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। कमोडिटी की कीमतों (जैसे पाम ऑयल और शुगर) में उतार-चढ़ाव भी आने वाली तिमाहियों में प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं।
आगे, निवेशकों को एडिबल ऑयल मार्जिन की स्थिरता, ग्रामीण मांग की रिकवरी और टैक्स से जुड़े कानूनी मामलों के समाधान पर नजर रखनी होगी।
