📉 मुनाफे का नया रिकॉर्ड, FMCG बना गेम-चेंजर
Patanjali Foods Limited (PFL) ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तिमाही (Q3FY26) और नौ महीनों (9MFY26) के अपने नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी ने रेवेन्यू के मामले में इतिहास रच दिया है। Q3FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ऑपरेशन्स से ₹10,483.71 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 16.53% अधिक है। वहीं, पिछली तिमाही के मुकाबले भी रेवेन्यू में 7.23% की बढ़त देखी गई।
FMCG सेगमेंट की तूफानी रफ़्तार
इस शानदार परफॉरमेंस के पीछे कंपनी का FMCG सेगमेंट, जिसमें फूड, FMCG, और होम एंड पर्सनल केयर (HPC) प्रोडक्ट्स शामिल हैं, सबसे बड़ा खिलाड़ी साबित हुआ। इस सेगमेंट ने Q3FY26 में कुल ₹3,248.35 करोड़ की सेल्स दर्ज की, जो पिछले साल से 38.93% ज्यादा है। तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर भी इसमें 12.31% की ग्रोथ आई। कमाल की बात यह है कि कंपनी के कुल रेवेन्यू में FMCG का योगदान अब 30.68% तक पहुँच गया है। सबसे अहम बात यह है कि कंपनी के कुल EBITDA में FMCG सेगमेंट का हिस्सा 66.33% रहा, जबकि इसके मार्जिन्स 10.88% पर थे।
नौ महीनों (9MFY26) की बात करें तो FMCG सेगमेंट ने ₹8,297.79 करोड़ का रेवेन्यू कमाया, जो पिछले साल के मुकाबले 27.46% ज्यादा है। EBITDA में इसका योगदान 62.34% रहा और मार्जिन्स सुधरकर 11.06% हो गए, जो पिछले साल की समान अवधि के 9.67% से काफी बेहतर हैं।
एडिबल ऑयल सेगमेंट: वॉल्यूम बढ़ा, मार्जिन पर दबाव
वहीं, दूसरी ओर एडिबल ऑयल सेगमेंट का रेवेन्यू Q3FY26 में ₹7,335.71 करोड़ रहा, जिसमें पिछले साल की तुलना में 8.98% और पिछली तिमाही के मुकाबले 5.22% की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, इस सेगमेंट का EBITDA मार्जिन सिर्फ 2.39% पर रहा। कंपनी का कहना है कि पाम ऑयल की कीमतों में 12.63% की गिरावट के बावजूद, कंपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी और बैकवर्ड इंटीग्रेशन पर काम कर रही है ताकि इन कीमतों के उतार-चढ़ाव को संभाला जा सके।
मुनाफे और खर्चों का लेखा-जोखा
Q3FY26 में कंपनी का ग्रॉस प्रॉफिट ₹1,421.32 करोड़ रहा, जिसमें ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन 13.56% था। कुल EBITDA (एक्सेप्शनल आइटम्स को छोड़कर) ₹492.06 करोड़ रहा, जिसके मार्जिन 4.69% थे। 9MFY26 में कुल EBITDA ₹1,429.56 करोड़ रहा, मार्जिन 4.93% पर।
कंपनी ने यह भी बताया कि नए लेबर कोड के कारण कुछ एक्सेप्शनल आइटम्स का असर नतीजों पर पड़ा है, जैसे कि ग्रेच्युटी (₹1,655.07 लाख) और कॉम्पेन्सेटेड एब्सेंसेज (₹1,364.02 लाख)।
आगे क्या? मजबूती की उम्मीद
Patanjali Foods को उम्मीद है कि फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के अंत तक कंपनी की परफॉरमेंस मजबूत रहेगी। इसके पीछे कई वजहें हैं, जिनमें GST 2.0 जैसे सरकारी सुधार, शहरी मांग का मजबूत होना और ग्रामीण इलाकों में लगातार बढ़त शामिल हैं। कंपनी ने हाल ही में 1 नवंबर, 2024 से होम एंड पर्सनल केयर (HPC) बिजनेस का अधिग्रहण भी पूरा कर लिया है।
जोखिम और भविष्य की राह
हालांकि, कंपनी के सामने कुछ जोखिम भी हैं। पाम ऑयल जैसे कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव एडिबल ऑयल सेगमेंट के मुनाफे को प्रभावित कर सकता है। साथ ही, नए खरीदे गए HPC बिजनेस को सफलतापूर्वक इंटीग्रेट करना भी एक चुनौती होगी। FMCG सेगमेंट की ग्रोथ को बनाए रखना और सभी डिवीजन्स के EBITDA मार्जिन में सुधार लाना कंपनी के लिए आगे की राह में महत्वपूर्ण होगा।