डिमांड में आया भूचाल, प्रोडक्शन में 'डबल गियर'
Parle Products अपनी बेहद पसंद की जाने वाली Melody टॉफ़ी की रिकॉर्ड तोड़ डिमांड को पूरा करने के लिए प्रोडक्शन बढ़ाने में जुट गया है। अचानक आई इस बंपर डिमांड की वजह एक वायरल पल है, जब भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को Melody टॉफ़ी का एक पैकेट गिफ्ट किया था। इस डिप्लोमैटिक जेस्चर ने कंज्यूमर इंटरेस्ट को काफी बढ़ा दिया है, जिसके चलते ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर बिक्री में जबरदस्त तेजी देखी गई है।
ग्लोबल पहचान का बड़ा मौका
इस अप्रत्याशित ग्लोबल एक्सपोजर के बाद Parle Products अपनी Melody ब्रांड के लिए इंटरनेशनल ग्रोथ स्ट्रैटेजी पर फिर से विचार कर रहा है और उसे तेज करने की योजना बना रहा है। Melody टॉफ़ी पहले से ही 100 से ज्यादा देशों में उपलब्ध है। कंपनी के अधिकारियों का मानना है कि प्रधानमंत्री का यह तोहफा न सिर्फ Melody ब्रांड के लिए फायदेमंद है, बल्कि इंटरनेशनल स्टेज पर इंडियन कंज्यूमर ब्रांड्स के लिए एक बड़ा एंडोर्समेंट भी है। कंपनी इस मोमेंटम को बनाए रखने के लिए डिजिटल मार्केटिंग का भरपूर फायदा उठा रही है और विभिन्न मीडिया में प्रमोशनल एक्टिविटीज बढ़ाने की योजना बना रही है। वायरल हुए 'Melodi' मीम्स ने भी ब्रांड के साथ पब्लिक एंगेजमेंट को और बढ़ाया है।
कॉम्पिटिशन और कंज्यूमर ट्रेंड्स
जहां Parle Products इस वायरल इवेंट का फायदा उठाने पर फोकस कर रहा है, वहीं भारत का कन्फेक्शनरी मार्केट काफी कॉम्पिटिटिव है। ITC Foods और Britannia Industries जैसी कंपनियां भी मार्केट शेयर के लिए जोर-आजमाइश कर रही हैं। कंज्यूमर की पसंद तेजी से सोशल मीडिया ट्रेंड्स और सहूलियत के हिसाब से बदल रही है, जिससे डिजिटल और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स अहम डिस्ट्रीब्यूशन चैनल बन गए हैं। Melody की अपनी स्थापित पहचान और मौजूदा वायरल बूस्ट इसे इस बदलते मार्केट में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने की पोजीशन में ला सकता है। ब्रांड का पिछला सेल्स डेटा लगातार परफॉरमेंस दिखाता है, लेकिन यह हालिया घटना इसे अपनी स्थापित ग्रोथ से आगे बढ़ने का एक अनोखा मौका दे रही है।
आगे की राह और मार्केट का रिएक्शन
इंडस्ट्री एनालिस्ट्स का कहना है कि ऐसे वायरल मोमेंट्स थोड़े समय के लिए बूस्ट दे सकते हैं, लेकिन सस्टेन्ड ग्रोथ इस बात पर निर्भर करेगी कि Parle Products इस बढ़ी हुई विजिबिलिटी को लॉन्ग-टर्म मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन स्ट्रैटेजी में कितनी अच्छी तरह इंटीग्रेट कर पाता है। प्रोडक्शन बढ़ाने और मार्केटिंग एफर्ट्स को एक्सपैंड करने में कंपनी का एक्टिव अप्रोच इस इम्पेरेटिव की समझ को दर्शाता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी इस डिप्लोमैटिक गुडविल को कितने समय तक चलने वाले मार्केट पेनिट्रेशन में बदल पाती है।
