FMCG सेक्टर की दिग्गज कंपनी Parle Biscuits ने पहली बार अपना चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) नियुक्त किया है। PepsiCo के साथ तीन दशकों का अनुभव रखने वाले George Kovoor अब कंपनी की बागडोर संभालेंगे।
Parle-G, Monaco और Hide & Seek जैसे ब्रांड्स के जरिए घर-घर तक पहुंचने वाली कंपनी Parle Biscuits में अब बदलाव की बयार है। 1 सितंबर, 2026 से George Kovoor कंपनी के पहले CEO के तौर पर पदभार संभालेंगे। पेप्सिको (PepsiCo) में 30 साल से ज्यादा समय बिताने वाले Kovoor का अनुभव कंपनी को बदलते बाजार में नई दिशा देने में काम आएगा।
मुनाफे में बड़ी गिरावट और चुनौतियां
नए CEO के सामने सबसे बड़ी चुनौती कंपनी के गिरते मुनाफे को थामने की होगी। फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी का रेवेन्यू ₹16,191 करोड़ रहा, लेकिन नेट प्रॉफिट में 39% की भारी गिरावट दर्ज की गई और यह सिमटकर ₹980 करोड़ रह गया। गेहूं, चीनी और एडिबल ऑयल की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ विज्ञापन पर बढ़ते खर्च ने कंपनी के मार्जिन पर दबाव डाला है।
भारतीय बिस्किट मार्केट बेहद प्राइस-सेंसिटिव है, जहां बढ़ती लागत का बोझ ग्राहकों पर डालना काफी मुश्किल होता है। ऐसे में Kovoor को प्रीमियम और हेल्थ-बेस्ड स्नैक्स पर ध्यान केंद्रित करते हुए कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बढ़ाना होगा।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
यहां निवेशकों को यह समझना बहुत जरूरी है कि Parle Biscuits एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है। इसका कोई भी स्टॉक NSE या BSE पर लिस्टेड नहीं है। कई लोग इसे गलती से 'Parle Industries Ltd' समझ लेते हैं, जो एक अलग लिस्टेड इकाई है और जिसका बिस्किट बिजनेस से कोई संबंध नहीं है। इसलिए, इस कंपनी में निवेश करने का फिलहाल कोई सीधा जरिया उपलब्ध नहीं है।
