Panasonic Holdings Corporation ने भारत को सिर्फ एक बड़े बाज़ार के तौर पर नहीं, बल्कि अपने ग्लोबल ऑपरेशन्स के लिए एक मुख्य केंद्र बनाने का महत्वाकांक्षी प्लान तैयार किया है। यह कदम भारत की बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं और रणनीतिक भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाने के लिए एक सोची-समझी चाल है, जिससे कंपनी एशिया और अन्य अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों को भी अपनी सेवाएं दे सकेगी।
Panasonic का लक्ष्य कैलेंडर वर्ष 2026 तक भारत के लगभग $5 बिलियन के AC मार्केट में अपना शेयर 6.7% से बढ़ाकर 8% करना है। इस विज़न को पूरा करने के लिए, कंपनी अपनी लोकल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को फाइनेंशियल ईयर 2028 तक दोगुना करके 20 लाख यूनिट तक ले जाने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी के स्टॉक 6752.T ने टोक्यो स्टॉक एक्सचेंज पर लगभग JP¥2,430.00 के स्तर पर कारोबार किया था, जिसकी मार्केट कैप लगभग ¥5.67 ट्रिलियन है।
भारत का रूम एयर कंडीशनर (AC) मार्केट, जो फाइनेंशियल ईयर 2025 में करीब $5 बिलियन का था, 2034 तक $21 बिलियन को पार करने की उम्मीद है। इस बाज़ार की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) लगभग 14.98% रहने का अनुमान है। बढ़ती गर्मी, जलवायु परिवर्तन, लोगों की बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम और शहरीकरण इस मांग को बढ़ा रहे हैं। वहीं, भारत में AC की पैठ अभी भी दुनिया के मुकाबले काफी कम है, जो इसे Panasonic के लिए एक बड़ा अवसर बनाती है।
इस रेस में Panasonic अकेले नहीं है। Voltas, जो फिलहाल 18-24% मार्केट शेयर के साथ लीड कर रहा है, और LG, जिसका शेयर 17.3% (एक रिपोर्ट के अनुसार) है, जैसे बड़े खिलाड़ी पहले से मौजूद हैं। Daikin और Blue Star भी इस बाज़ार में अपनी पैठ बनाए हुए हैं। कंपनी को सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम का भी फायदा मिल सकता है, जो डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है।
हालांकि, यह राह आसान नहीं है। बाज़ार में कड़ी प्रतिस्पर्धा, मौसम पर निर्भरता और एनर्जी एफिशिएंसी जैसे नियमों में बदलाव Panasonic के लिए चुनौतियां खड़ी कर सकते हैं। इन चुनौतियों से निपटने और बाज़ार की बदलती मांगों को पूरा करने के लिए, Panasonic 57 नए मॉडल्स लॉन्च करने की तैयारी में है, जिनमें एयर प्यूरिफिकेशन और स्मार्ट कनेक्टिविटी जैसी एडवांस्ड सुविधाएं होंगी।