ज्वेलरी ब्रांड Palmonas ने गल्फ देशों (GCC) में 2026 तक 10 नए स्टोर खोलने की योजना बनाई है। यह कदम UAE में अपने पहले स्टोर की सफल शुरुआत के बाद उठाया जा रहा है। कंपनी, जो भारत में 75 से अधिक स्टोर चलाती है, ने हाल ही में 40 मिलियन डॉलर की सीरीज बी फंडिंग भी हासिल की है।
Palmonas का गल्फ में विस्तार
भारत की जानी-मानी डिज़ाइनर ज्वेलरी कंपनी Palmonas अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार है। कंपनी ने गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) देशों में साल 2026 के अंत तक 10 नए रिटेल स्टोर खोलने की महत्वाकांक्षी योजना का ऐलान किया है। यह कदम UAE में अपने पहले अंतरराष्ट्रीय स्टोर, जो कि अबू धाबी के रीम मॉल में खुला है, की सफल शुरुआत के बाद उठाया गया है। कंपनी अब दुबई, सऊदी अरब और कतर जैसे बड़े बाजारों में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने पर विचार कर रही है, ताकि मध्य-पूर्व के ज्वेलरी बाजार में अपनी जगह मजबूत कर सके।
भारत में भी तेजी से विस्तार
अंतरराष्ट्रीय योजनाओं के साथ-साथ, Palmonas भारत में भी आक्रामक विस्तार कर रही है। अगस्त 2026 तक, कंपनी के भारत में 75 से ज्यादा स्टोर हैं और हर महीने 8 से 10 नए आउटलेट खोलने का लक्ष्य है। इस तेजी से हो रहे विस्तार को कंपनी की हालिया सीरीज बी फंडिंग राउंड से बल मिला है, जिसमें अप्रैल 2026 में 40 मिलियन डॉलर जुटाए गए थे। इस फंडिंग में Xponentia Capital और Vertex Growth Fund जैसे निवेशकों ने हिस्सा लिया है।
Palmonas का बिजनेस मॉडल डिज़ाइनर ज्वेलरी, 9-कैरेट गोल्ड और लैब-ग्रोन डायमंड्स पर केंद्रित है। मार्च 2025 में समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के आंकड़े बताते हैं कि कंपनी ने ऑपरेटिंग रेवेन्यू में ₹39 करोड़ और ₹4.3 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो कंपनी की लाभप्रदता के साथ विस्तार करने की क्षमता को दर्शाता है। कंपनी क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल कर रही है।
बिजनेस में जोखिम और ध्यान देने योग्य बातें
एक वेंचर-कैपिटल समर्थित प्राइवेट कंपनी होने के नाते, Palmonas को कुछ परिचालन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। सबसे बड़ा जोखिम एग्जीक्यूशन का है। भारत में हर महीने 8-10 स्टोर खोलने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करते हुए गुणवत्ता और लाभप्रदता बनाए रखना, इसके लिए लागत और इन्वेंट्री का सख्त प्रबंधन आवश्यक है। यदि उपभोक्ता मांग में कोई मंदी आती है या सप्लाई चेन में दिक्कतें आती हैं, तो कंपनी के मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है।
एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि कंपनी सह-संस्थापक श्रद्धा कपूर के सेलिब्रिटी जुड़ाव पर काफी हद तक निर्भर है। यह जुड़ाव ब्रांड की दृश्यता बढ़ाने में मददगार रहा है, लेकिन अगर भविष्य में यह संबंध बदलता है या किसी सार्वजनिक जांच का सामना करता है, तो यह ब्रांड की छवि के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। चूँकि Palmonas एक प्राइवेट कंपनी है, इसके शेयर सार्वजनिक एक्सचेंजों पर ट्रेड नहीं करते हैं। इसका मतलब है कि निवेशकों के पास पब्लिक कंपनियों की तरह लिक्विडिटी या बाजार-आधारित मूल्य निर्धारण तंत्र नहीं है। कंपनी के लिए, अगला महत्वपूर्ण कदम यह देखना होगा कि क्या वह अबू धाबी की सफलता को GCC बाजार में दीर्घकालिक परिचालन स्थिरता में बदल पाती है, और साथ ही साथ घरेलू स्टोर लॉन्च की गति को बनाए रख पाती है।
