कच्चे तेल की कीमतें **$100** के पार जाने के बाद अब पेंट सेक्टर में महंगाई की मार देखने को मिलेगी। नवंबर से Asian Paints, Berger Paints और Birla Opus अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में **3%** से **4%** तक का इजाफा करने जा रही हैं।
कच्चे तेल (Brent Crude) के दाम में आई तेजी का सीधा असर अब पेंट मैन्युफैक्चरर्स की जेब पर पड़ रहा है। पेंट बनाने में इस्तेमाल होने वाले रेजिन और सॉल्वैंट्स सीधे क्रूड ऑयल से जुड़े होते हैं, जिसके चलते कंपनियों ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट को मैनेज करने के लिए कीमतों में 3% से 4% तक की बढ़ोतरी का फैसला लिया है।
त्यौहारों का सीजन और डिमांड का गणित
कंपनियों ने इस प्राइस हाइक को त्योहारी सीजन के साथ अलाइन किया है। दिवाली के दौरान घरों के रेनोवेशन का काम बढ़ जाता है। चूंकि पेंट का खर्च पूरे रेनोवेशन बजट का एक छोटा हिस्सा होता है और लेबर कॉस्ट का बड़ा बोलबाला रहता है, इसलिए कंपनियों को उम्मीद है कि छोटी बढ़ोतरी का डिमांड पर खास असर नहीं पड़ेगा।
प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव
मुनाफे को बचाए रखना सेक्टर के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। लॉजिस्टिक्स और पैकेजिंग की लागत पहले से ही बढ़ रही है, ऊपर से कच्चे माल की महंगाई ने मार्जिन पर दबाव डाल रखा है। हालांकि, मार्केट में Birla Opus जैसे नए और मजबूत प्लेयर्स की एंट्री ने प्रतिस्पर्धा बढ़ा दी है, जिससे कंपनियों को बहुत फूंक-फूंक कर कदम रखने पड़ रहे हैं ताकि कहीं वे मार्केट शेयर न गंवा दें।
अब निवेशकों की नजर आगामी तिमाही नतीजों पर है कि क्या कंपनियां बिक्री की रफ्तार को बरकरार रखते हुए अपना मुनाफा बचा पाती हैं या नहीं। आने वाले समय में कच्चे तेल की चाल और कंपनियों का मार्जिन मैनेजमेंट ही शेयर की दिशा तय करेगा।
