Page Industries Stock Price: निवेशकों को झटका! जुलाई की ऊंचाई से **19%** गिरा शेयर, मार्जिन में आई बड़ी गिरावट

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AuthorNeha Patil|Published at:
Page Industries Stock Price: निवेशकों को झटका! जुलाई की ऊंचाई से **19%** गिरा शेयर, मार्जिन में आई बड़ी गिरावट

Page Industries के शेयर जुलाई की अपनी ऊंचाई से करीब **19%** तक गिर चुके हैं। कंपनी के पहली तिमाही के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे, जिससे शेयर में गिरावट देखी गई। जून तिमाही में कंपनी का मुनाफा **4%** घटकर **₹193 करोड़** रह गया, जबकि रेवेन्यू **8%** बढ़कर **₹1,420 करोड़** रहा।

मार्जिन पर बढ़ा दबाव, मुनाफे में आई गिरावट

Page Industries को पहली तिमाही में बढ़ती लागतों का सामना करना पड़ा है। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल 8% बढ़कर ₹1,420 करोड़ रहा, लेकिन मुनाफा 4% घटकर ₹193 करोड़ पर आ गया। शेयरधारकों के लिए चिंता का एक मुख्य कारण ऑपरेटिंग मार्जिन का सिकुड़ना है, जो पिछले साल की समान तिमाही के 22.4% से घटकर 20.3% हो गया।

कंपनी का कहना है कि कच्चे माल, खासकर कॉटन और सिंथेटिक फैब्रिक्स की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण यह स्थिति बनी है। मई में कंपनी ने 2% की कीमत बढ़ोतरी की थी, लेकिन यह बढ़ती लागतों को पूरी तरह से कवर करने के लिए पर्याप्त नहीं थी। इसके अलावा, लॉजिस्टिक्स और मैनपावर से जुड़ी अस्थायी परिचालन बाधाओं ने भी बिक्री की मात्रा और प्राप्ति को प्रभावित किया।

ब्रोकरेज की मिली-जुली राय और भविष्य की राह

बाजार के जानकारों की राय Page Industries को लेकर बंटी हुई है। Emkay Research के एनालिस्ट्स एथलीजर सेगमेंट की ग्रोथ क्षमता और कंपनी की प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर फोकस को देखते हुए पॉजिटिव बने हुए हैं। उन्होंने 'ऐड' रेटिंग बनाए रखी है, जिससे यह संकेत मिलता है कि मौजूदा गिरावट निवेशकों के लिए एक अवसर हो सकती है।

दूसरी ओर, कुछ एनालिस्ट्स अधिक सतर्क हैं। ICICI सिक्योरिटीज ने कंपनी के हाई वैल्यूएशन और मांग को नुकसान पहुंचाए बिना कीमतों को बढ़ाने की सीमित क्षमता का हवाला देते हुए 'रिड्यूस' रेटिंग बनाए रखी है। इन एनालिस्ट्स का मानना है कि कंपनी लागत दबाव और मूल्य निर्धारण रणनीति के बीच संतुलन बनाने के लिए संघर्ष कर रही है।

इन चुनौतियों के बावजूद, मैनेजमेंट ने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए डबल-डिजिट वॉल्यूम ग्रोथ के अपने अनुमान पर कायम है। निवेशक अब बारीकी से नजर रख रहे हैं कि क्या कंपनी प्रीमियम रणनीतियों और बेहतर लागत नियंत्रण के माध्यम से आने वाली तिमाहियों में अपने मुनाफे के मार्जिन में सफलतापूर्वक सुधार कर पाती है। सितंबर तिमाही के मार्जिन पर कच्चे माल की कीमतों के रुझान का प्रभाव और अपनी ग्रोथ के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सप्लाई चेन का प्रबंधन करने की कंपनी की क्षमता मुख्य अपडेट होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.