Page Industries के दमदार Q4 नतीजे
Page Industries ने FY26 की चौथी तिमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 14.1% बढ़कर ₹1,252.6 करोड़ हो गया। बिक्री की मात्रा में 10.8% की महत्वपूर्ण वृद्धि ने इस ग्रोथ को सहारा दिया, जो कंपनी के प्रोडक्ट्स के लिए मजबूत कंज्यूमर डिमांड को दर्शाता है। EBITDA में भी 10.7% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह ₹260.6 करोड़ रहा। हालांकि, EBITDA मार्जिन पिछले साल के 21.5% से घटकर 20.8% पर आ गया, जिसका कारण इनपुट कॉस्ट्स में बढ़ोतरी हो सकती है। कंपनी का स्टॉक मई 2026 के अंत में लगभग ₹38,000-₹39,000 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, और इसका मार्केट कैप करीब ₹427 बिलियन है।
ब्रोकरेज हाउस का भरोसा
Q4 के नतीजों के बाद, कई फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस ने Page Industries के लिए अपने प्राइस टारगेट बढ़ाए या बरकरार रखे हैं। Morgan Stanley ने 'Overweight' रेटिंग के साथ टारगेट प्राइस ₹42,636 किया है, जो FY27 में 12% रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान लगाते हैं। Emkay Global Financial Services ने स्टॉक को 'Add' रेटिंग दी और टारगेट ₹44,700 रखा है, जिसकी वजह उम्मीद से बेहतर वॉल्यूम ग्रोथ है। Elara Securities और Goldman Sachs ने भी 'Buy' रेटिंग देते हुए क्रमशः ₹46,000 और ₹45,000 का टारगेट दिया है।
विश्लेषकों का मानना है कि Page Industries अपनी वॉल्यूम ग्रोथ को डबल-डिजिट में बनाए रखेगी और मिड-टीन्स ग्रोथ फेज में प्रवेश कर सकती है। कंपनी Q1 में रॉ मटेरियल इन्फ्लेशन को कंट्रोल करने के लिए कीमतों में एडजस्टमेंट की योजना बना रही है, साथ ही EBITDA मार्जिन 19-21% के बीच रखने का लक्ष्य है। भारत में athleisure मार्केट में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है, जिसके 2025 से 2035 के बीच 10.5% के CAGR से बढ़ने का अनुमान है। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता, लाइफस्टाइल में बदलाव और ई-कॉमर्स का विस्तार इसके मुख्य कारण हैं। Jockey ब्रांड, जो Page Industries के लिए रेवेन्यू का एक बड़ा स्रोत है, उसकी ब्रांड पहचान और पसंद काफी मजबूत है। ई-कॉमर्स अब कंपनी के रेवेन्यू का 15% है और यह ग्रोथ का एक अहम जरिया बना हुआ है। JKY Groove प्रोडक्ट लाइन ने भी अच्छी पकड़ बनाई है।
प्रतिस्पर्धा और मार्जिन की चिंताएं
सकारात्मक नतीजों के बावजूद, कुछ संभावित चुनौतियां भी हैं। EBITDA मार्जिन में आई मामूली गिरावट पर ध्यान देने की जरूरत है, खासकर कॉटन जैसे इनपुट पर लगातार बढ़ती महंगाई को देखते हुए। हालांकि प्रतिस्पर्धा पिछले साल की तुलना में कम बताई जा रही है, लेकिन athleisure और प्रीमियम अपैरल सेगमेंट में मुकाबला बढ़ रहा है। XYXX, Damensch और Almo जैसे डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स ने, खासकर कोविड के बाद, athleisure ट्रेंड और डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) मॉडल का फायदा उठाते हुए अच्छी पकड़ बनाई है। Nike, Puma और Adidas जैसे स्थापित ब्रांड्स के साथ-साथ Van Heusen और Hanes भी विभिन्न सेगमेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा दे रहे हैं। इसके अलावा, एक बड़ी संख्या में विश्लेषकों ने स्टॉक पर 'Neutral' रेटिंग दी है, और 26 में से 7 ने इसे बेचने की सलाह दी है। विश्लेषकों द्वारा दिया गया औसत 12-महीने का टारगेट प्राइस लगभग ₹37,936 है, जो मौजूदा ट्रेडिंग स्तरों से संभावित गिरावट का संकेत देता है। Page Industries का P/E रेशियो लगभग 57x है, जो कई अन्य अपैरल और रिटेल कंपनियों की तुलना में काफी ज्यादा माना जाता है।
Page Industries का भविष्य
Page Industries के मैनेजमेंट को पॉजिटिव कंज्यूमर सेंटिमेंट, रिटेल मॉर्डनाइजेशन और मजबूत इकोनॉमी के सहारे ग्रोथ जारी रखने का भरोसा है। प्रीमियम प्रोडक्ट्स और athleisure कैटेगरीज पर कंपनी का फोकस, मजबूत ब्रांड पोजिशनिंग और बढ़ता रिटेल प्रेजेंस रेवेन्यू ग्रोथ को सहारा देगा। कंपनी ने FY26 के लिए प्रति इक्विटी शेयर ₹150 का चौथा अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है, जो वित्तीय मजबूती को दर्शाता है। भारतीय athleisure मार्केट में आगे भी तेजी जारी रहने की उम्मीद है, जो उन कंपनियों के लिए बड़ी संभावनाएं पैदा करता है जो प्रतिस्पर्धा और बदलती कंज्यूमर प्रेफरेंसेज को प्रभावी ढंग से नेविगेट कर सकती हैं।
