Page Industries ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में **₹1,420 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया, जो एनालिस्ट्स के अनुमान से कम रहा। सप्लाई चेन की दिक्कतों के चलते नेट प्रॉफिट में **4%** की गिरावट आई। हालांकि, कंपनी ने **₹200** प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Dividend) घोषित किया है। नतीजों के बाद स्टॉक में उतार-चढ़ाव देखा गया, लेकिन अगले दिन इसमें कुछ सुधार हुआ।
Page Industries के नतीजे: उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा रेवेन्यू
भारत में Jockey ब्रांड के निर्माता Page Industries ने 13 अगस्त 2026 को वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी का रेवेन्यू 7.9% बढ़कर ₹1,420 करोड़ रहा, लेकिन यह बाजार के अनुमानों से पीछे रह गया। इसी अवधि में नेट प्रॉफिट 4% घटकर ₹193 करोड़ पर आ गया, जबकि EBITDA 1.9% की गिरावट के साथ ₹289 करोड़ रहा।
ऑपरेशनल दिक्कतें और मुनाफे पर असर
कंपनी ने जून के महीने में अस्थायी लॉजिस्टिक्स (Logistics) और मैनपावर (Manpower) की कमी को प्रदर्शन में कमी का मुख्य कारण बताया। मैनेजमेंट के मुताबिक, तिमाही के आखिरी सात दिनों की बिलिंग पूरी नहीं हो सकी, जिसके कारण लगभग 3-4% बिक्री दूसरी तिमाही में चली गई। इसे बिक्री का नुकसान नहीं, बल्कि एक देरी माना जा रहा है। इसके अलावा, कॉटन और सिंथेटिक उत्पादों जैसे कच्चे माल की बढ़ती कीमतों (Inflationary Pressure) ने भी मार्जिन पर दबाव डाला। इन चुनौतियों के बावजूद, मैनेजमेंट ने पूरे वित्त वर्ष के लिए डबल-डिजिट वॉल्यूम ग्रोथ (Double-Digit Volume Growth) के अपने अनुमान को दोहराया है। कंपनी Disney और Marvel जैसे ब्रांड्स के साथ जारी सहयोग और JKY Groove प्रोडक्ट लाइन के विस्तार से इसे सहारा मिलने की उम्मीद है।
डिविडेंड का ऐलान और शेयर की चाल
वित्तीय नतीजों के साथ, Page Industries ने ₹200 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 19 अगस्त 2026 तय की गई है। नतीजों पर बाजार की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। 13 अगस्त 2026 को नतीजे आने के बाद शेयर में 4.64% की गिरावट आई। हालांकि, 14 अगस्त 2026 को स्टॉक में 3.21% की रिकवरी देखी गई, क्योंकि निवेशकों ने टाली गई बिक्री (Deferred Sales) और डिविडेंड की खबर को समझा।
जोखिम और आगे की राह
हालांकि कंपनी अपने ग्रोथ की राह को लेकर आश्वस्त है, निवेशकों को कुछ बातों पर नजर रखनी होगी। सबसे पहले, प्रॉफिट मार्जिन की स्थिरता, जो इनपुट लागत में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील बनी हुई है। दूसरा, स्टॉक लगभग 52x के प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है, ऐसे में वॉल्यूम रिकवरी पर बारीकी से नजर रखी जाएगी। ब्रोकरेज Motilal Oswal ने ₹45,000 के टारगेट प्राइस के साथ 'बाय' रेटिंग बनाए रखी है, और हाल की ऑपरेशनल दिक्कतों को एक अस्थायी चुनौती माना है। आने वाले महीनों में, कंपनी की डिलीवरी लक्ष्यों को पूरा करने और लागत दबाव के बीच मुनाफे को बनाए रखने की क्षमता पर नजर रहेगी।
