महंगाई के बीच मुनाफे में उछाल
Page Industries ने मार्च तिमाही (Q4 FY26) के नतीजों में 9% की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की है, जिसका नेट प्रॉफिट ₹178.73 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹164 करोड़ था। कंपनी के ऑपरेशन्स से रेवेन्यू में 14% का इजाफा हुआ और यह ₹1,252.6 करोड़ तक पहुंच गया। बिक्री की मात्रा में 10.8% की वृद्धि देखी गई, जो 5.45 करोड़ पीस रही। कुल खर्च 14.72% बढ़कर ₹1,031.96 करोड़ हो गया, जिससे पता चलता है कि कंपनी इन बढ़ती लागतों को अवशोषित करने का प्रयास कर रही है। इन चुनौतियों के बावजूद, 22 मई 2026 को कंपनी के शेयर में 1.13% की मामूली बढ़त दर्ज की गई। मैनेजमेंट का कहना है कि उपभोक्ता भावना (Consumer Sentiment) मजबूत है और अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में है, हालांकि कपास जैसे प्रमुख इनपुट्स पर महंगाई का दबाव बना हुआ है।
मार्जिन और वैल्यूएशन का विश्लेषण
मजबूत रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ के बावजूद, लागत दबाव के कारण Page Industries का EBITDA मार्जिन थोड़ा घटकर 20.8% रह गया। ऐतिहासिक रूप से, कंपनी का P/E रेश्यो FY21-FY25 के दौरान औसतन 88.1x रहा है। इसकी तुलना में, ITC Ltd. और Dabur India Ltd. जैसे प्रतिद्वंद्वियों का P/E रेश्यो क्रमशः 16.6x और 18.4x है, जो बताता है कि Page Industries एक प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। विश्लेषकों की राय मिली-जुली है; कुछ 'Buy' रेटिंग और ₹50,000-₹52,000 के टारगेट प्राइस के साथ बने हुए हैं, जबकि अन्य ने टारगेट प्राइस को नीचे किया है। पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए, नेट प्रॉफिट 4.75% बढ़कर ₹763.82 करोड़ हुआ, और कुल आय 6.28% बढ़कर ₹5,310.67 करोड़ हो गई। कंपनी की महंगाई से निपटने की रणनीतियों में बेहतर सोर्सिंग, सप्लाई चेन ऑप्टिमाइजेशन, दक्षता में सुधार और सावधानीपूर्वक मूल्य निर्धारण शामिल हैं।
इन्वेंटरी और वर्किंग कैपिटल पर चिंता
नतीजे सकारात्मक होने के बावजूद, Q4 FY26 के अंत तक इन्वेंटरी के दिन बढ़कर 73 हो गए, जो साल की शुरुआत में 64 थे। यह इन्वेंटरी प्रबंधन में चुनौतियों या बिक्री के लिए सतर्क पूर्वानुमान का संकेत दे सकता है। नेट वर्किंग कैपिटल के दिन भी 54 से बढ़कर 66 हो गए, जिससे पता चलता है कि संचालन में अधिक पूंजी फंसी हुई है। Jockey ब्रांड का एक्सक्लूसिव लाइसेंस कंपनी के लिए एक स्थिर आधार प्रदान करता है, लेकिन लगातार महंगाई या उपभोक्ता खर्च में कमी मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। कुछ विश्लेषकों ने ₹36,000 के टारगेट प्राइस के साथ 'Sell' रेटिंग जारी की है। Page Industries का एक साल का रिटर्न -19.09% रहा है, जो अपने सेक्टर और मार्केट इंडेक्स से पिछड़ गया है।
भविष्य की राह
Page Industries को महंगाई का दबाव जारी रहने की उम्मीद है, जिससे कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है और संभवतः मांग प्रभावित हो सकती है। विश्लेषकों का अनुमान Q4 FY26 के लिए राजस्व ₹1,360-₹1,480 करोड़ के बीच था, जिसमें PAT ₹172-₹195 करोड़ और EBITDA मार्जिन 18.5-20% रहने की उम्मीद थी। अपने प्रीमियम ब्रांड इमेज को बनाए रखते हुए लागत और इन्वेंटरी का प्रबंधन भविष्य की ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण होगा। विश्लेषक FY27 के लिए कंपनी के गाइडेंस का इंतजार कर रहे हैं। 26 विश्लेषकों द्वारा औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट ₹37,936 है।
