PNG Jewellers ने अपना विस्तार प्लान साफ कर दिया है। कंपनी दक्षिण भारत के कड़े मुकाबले से बचते हुए सेंट्रल और नॉर्थ इंडिया पर फोकस करेगी और 2030 तक अपने स्टोर्स की संख्या बढ़ाकर **200** करने की तैयारी में है।
'पेशवा' रणनीति और विस्तार का गणित
कंपनी ने अपने विस्तार के लिए एक खास 'पेशवा' रणनीति तैयार की है। फिलहाल कंपनी के पास करीब 80 स्टोर हैं, जिन्हें मार्च 2027 तक बढ़ाकर 103 करने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी का मानना है कि उत्तर और मध्य भारत में हीरे और स्टडेड ज्वेलरी की मांग अधिक है, जहां मुकाबला भी अपेक्षाकृत कम है।
प्रोडक्ट मिक्स और 'Yoou' कॉन्सेप्ट
मुनाफा बढ़ाने के लिए PNG Jewellers ने स्टडेड ज्वेलरी पर बड़ा दांव लगाया है, क्योंकि इसमें गोल्ड ज्वेलरी के मुकाबले बेहतर मार्जिन मिलता है। वहीं, युवाओं को लुभाने के लिए कंपनी 'Yoou' नाम का एक नया रिटेल फॉर्मेट भी ला रही है, जो 14 और 18 कैरेट की हल्की ज्वेलरी पर आधारित है। यह कदम कंपनी को पुराने पारंपरिक ग्राहकों के साथ-साथ नई पीढ़ी के खरीदारों से भी जोड़ रहा है।
IPO फंड्स और फाइनेंशियल हेल्थ
कंपनी ने अधिग्रहण के बजाय ऑर्गेनिक ग्रोथ का रास्ता चुना है ताकि बैलेंस शीट पर बोझ न पड़े। सितंबर 2024 के IPO और इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट से मिले फंड्स का इस्तेमाल नेटवर्क फैलाने में किया जा रहा है। कंपनी का रेवेन्यू 40.7% उछलकर ₹2,412.98 करोड़ पहुंच गया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपनी इन्वेंट्री को 4.5 से 5 गुना के टर्नओवर के साथ कैसे मैनेज करती है।
सेक्टर का हाल और चुनौतियां
ज्वेलरी सेक्टर में Titan, Kalyan Jewellers और Senco Gold जैसे बड़े खिलाड़ियों की मौजूदगी के बीच PNG Jewellers के लिए ऑपरेशनल कॉस्ट कंट्रोल करना सबसे बड़ी चुनौती होगी। क्या कंपनी बिना मार्जिन गिराए तेजी से स्टोर खोल पाएगी, यह आने वाले फाइनेंशियल ईयर में देखने वाली बात होगी।
