PC Jeweller ने अपने 14 बैंकों के कंसोर्टियम का सारा कर्ज चुका दिया है और अब कंपनी पूरी तरह से डेट-फ्री (Debt-free) हो गई है। सितंबर तिमाही में कंपनी के रेवेन्यू में **28%** का उछाल दर्ज किया गया है, साथ ही **₹142 करोड़** की पुरानी एक्सपोर्ट बकाया राशि भी वसूल की गई है।
कर्ज से मुक्ति और नई शुरुआत
PC Jeweller ने एक बड़ी फाइनेंशियल उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने अपने 14 बैंकों के कंसोर्टियम का पूरा बकाया कर्ज चुकाकर खुद को कर्ज-मुक्त घोषित कर दिया है। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, यह सेटलमेंट 25 सितंबर, 2026 तक पूरा कर लिया गया था और सितंबर के अंत तक बैंकों से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) भी मिल गए हैं। यह प्रक्रिया सितंबर 2024 में शुरू किए गए लोन रीस्ट्रक्चरिंग एग्रीमेंट का नतीजा है।
निवेशकों को क्या फायदा?
कंपनी के कर्ज-मुक्त होने का सीधा असर उसके मुनाफे (Bottom-line) पर पड़ेगा। जो फाइनेंस कॉस्ट पिछले कई सालों से कंपनी के फाइनेंशियल नतीजों पर दबाव डाल रही थी, अब वह पूरी तरह हट गई है। इसके साथ ही, हाल ही में प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए जुटाए गए ₹500 करोड़ के कैपिटल ने कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत किया है, जिससे ऑपरेशनल कामों के लिए कंपनी के पास अब बेहतर लिक्विडिटी है।
ऑपरेशनल परफॉर्मेंस की स्थिति
कर्ज कम करने के साथ-साथ कंपनी के बिजनेस में भी सुधार दिख रहा है। 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 28% (Year-on-year) बढ़ा है। ₹142 करोड़ की पुरानी एक्सपोर्ट बकाया राशि की रिकवरी से वर्किंग कैपिटल साइकिल में सुधार हुआ है, जो कैश फ्लो के लिए एक अच्छा संकेत है।
भविष्य की चुनौतियां
भले ही कंपनी कर्ज-मुक्त हो गई है, लेकिन ज्वेलरी रिटेल सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा बनी हुई है। सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के इन्वेंट्री वैल्यूएशन और मार्जिन को प्रभावित कर सकता है। निवेशकों के लिए अब देखने वाली बात यह होगी कि कंपनी अपनी नई पूंजी का उपयोग कैसे करती है और क्या वे अपनी ग्रोथ को लंबे समय तक बनाए रख पाएंगे। बाजार की नजरें अब मैनेजमेंट की फ्यूचर कमेंट्री और विस्तार योजनाओं पर टिकी रहेंगी।
