Orkla India और FSSAI का नया फैसला: फूड लेबलिंग नियमों पर बदली कंपनी की राय

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Orkla India और FSSAI का नया फैसला: फूड लेबलिंग नियमों पर बदली कंपनी की राय

Orkla India के CEO संजय शर्मा ने FSSAI के प्रस्तावित फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग (FOPL) नियमों का समर्थन किया है। अब कंपनी का पूरा जोर इन नियमों को व्यावहारिक तरीके से लागू करने पर है, ताकि ग्राहकों तक सही जानकारी पहुंच सके।

नियमों का समर्थन, लेकिन क्रियान्वयन पर जोर

Orkla India, जो MTR, Rasoi Magic और Eastern जैसे दिग्गज ब्रांड्स की पैरेंट कंपनी है, ने आधिकारिक तौर पर FSSAI के प्रस्तावों का स्वागत किया है। CEO संजय शर्मा का कहना है कि प्रोसेस्ड फूड में शुगर, सॉल्ट और फैट की स्पष्ट जानकारी देना कंज्यूमर के हित में है। हालांकि, अब इंडस्ट्री की बहस इस बात पर केंद्रित है कि इन नियमों को जमीन पर कैसे लागू किया जाए, ताकि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य और बिजनेस, दोनों के लिए सही साबित हो।

कानूनी दांव-पेच और अनिश्चितता

फिलहाल यह मामला सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर है। कोर्ट FSSAI से चेतावनी लेबल (warning labels) के पीछे के वैज्ञानिक आधार और इन्हें लागू करने के लिए एक उचित समय सीमा की मांग कर रहा है। कंपनियों के लिए यह अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि वे फाइनल गाइडलाइंस का इंतजार कर रही हैं ताकि अपनी पैकेजिंग रणनीति को अंतिम रूप दे सकें।

फाइनेंशियल सेहत और निवेशकों की चिंता

Orkla India की बात करें, तो Q1 FY27 में कंपनी का रेवेन्यू ₹660 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट ₹87.7 करोड़ दर्ज किया गया। पिछले कुछ समय से कंपनी मार्जिन के दबाव से जूझ रही है, जिसका मुख्य कारण कच्चा माल और फ्रेट का महंगा होना है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि क्या नए लेबलिंग नियमों के कारण होने वाला पैकेजिंग बदलाव कंपनी के ऑपरेटिंग कॉस्ट को और बढ़ाएगा। यदि कुछ उत्पादों पर चेतावनी लेबल अनिवार्य होते हैं, तो यह सीधे तौर पर बाजार में इनकी मांग को प्रभावित कर सकता है, जो शेयरधारकों के लिए एक बड़ा 'वॉच-पॉइंट' है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.