Direct-to-consumer (D2C) स्नैक ब्रांड Open Secret ने इक्विटी और डेट फंडिंग में ₹50 करोड़ जुटाए हैं। इस पूंजी का इस्तेमाल ऑफलाइन स्टोर्स के विस्तार, नए उत्पादों को लॉन्च करने और सप्लाई चेन टेक्नोलॉजी को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा। निवेशक अगले तीन सालों में कंपनी के ₹1,000 करोड़ के सालाना आवर्ती राजस्व (ARR) के लक्ष्य की ओर प्रगति पर नज़र रख सकते हैं।
Open Secret ने जुटाई ₹50 करोड़ की फंडिंग!
डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) स्नैक ब्रांड Open Secret ने सोमवार को घोषणा की कि उसने एक नए फंडिंग राउंड में ₹50 करोड़ जुटाए हैं। इस निवेश का नेतृत्व Desai Brothers Group ने किया है, जिसमें ₹30 करोड़ इक्विटी के रूप में और बाकी ₹20 करोड़ इंस्टीट्यूशनल डेट के तौर पर शामिल हैं। कंपनी इस फंड का उपयोग अपने फिजिकल रिटेल प्रेजेंस को बढ़ाने, स्नैक्स की नई कैटेगरी लॉन्च करने और अपनी सप्लाई चेन ऑपरेशन्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को एकीकृत करने के लिए करेगी।
ऑफलाइन मार्केट्स में बड़ी छलांग
साल 2019 में अपनी स्थापना के बाद से, Open Secret ने कुकीज और बिस्कुट जैसे सामान्य स्नैक्स के स्वास्थ्यवर्धक वर्जन बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। वर्तमान में, यह ब्रांड कई शहरों में 500 से अधिक रिटेल स्टोर्स में मौजूद है। नई पूंजी के साथ, कंपनी अपने ऑफलाइन फुटप्रिंट को काफी हद तक बढ़ाने का इरादा रखती है। यह विस्तार रणनीति उत्पाद श्रृंखला में विविधता लाने के व्यापक कदम का हिस्सा है, जिसमें अब चिप्स और पारंपरिक नमकीन स्नैक्स शामिल होंगे, जिससे यह पैक्ड फूड सेक्टर के प्रमुख खिलाड़ियों के साथ सीधे प्रतिस्पर्धा में आ जाएगा।
रेवेन्यू बढ़ाने और ऑपरेशनल लक्ष्य
Open Secret वर्तमान में ₹200 करोड़ से अधिक का सालाना आवर्ती राजस्व (ARR) रिपोर्ट करता है और लगभग 10% की मंथ-ऑन-मंथ ग्रोथ रेट दर्ज कर रहा है। कंपनी की फाउंडर और सीईओ, अहाना गौतम ने कहा कि Desai Brothers Group के साथ साझेदारी से कंपनी को स्केल करने में मदद के लिए आवश्यक मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। ब्रांड ने तीन साल के भीतर ₹1,000 करोड़ के सालाना आवर्ती राजस्व तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है, साथ ही इस ग्रोथ फेज के दौरान प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखने का भी लक्ष्य है।
सप्लाई चेन में AI एजेंटों को एकीकृत करने का उद्देश्य ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार करना और कंज्यूमर डिमांड व वर्तमान सप्लाई कैपेसिटी के बीच के गैप को मैनेज करना है। निवेशकों और इंडस्ट्री ऑब्जर्वर्स के लिए, निगरानी का प्राथमिक क्षेत्र अत्यधिक प्रतिस्पर्धी स्नैक मार्केट में इन विस्तार योजनाओं का एग्जीक्यूशन होगा, जहां बड़े स्थापित खिलाड़ी अक्सर महत्वपूर्ण इकोनॉमीज ऑफ स्केल रखते हैं। सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी तेजी से रिटेल विस्तार और उत्पाद विविधीकरण से जुड़ी लागतों का प्रबंधन करते हुए अपनी ग्रोथ की गति को बनाए रख पाती है या नहीं।
