अमीरों पर दांव, 100+ आउटलेट्स का लक्ष्य
Gourmet Investments Hospitality Group भारत में अपने रेस्टोरेंट की संख्या दोगुनी से ज़्यादा करने की एक बड़ी योजना पर काम कर रहा है. कंपनी का लक्ष्य अगले तीन साल में 100 से 125 आउटलेट तक पहुंचना है, जो कि फिलहाल लगभग 55 हैं. इस विस्तार का मुख्य आधार Olive Garden जैसे प्रीमियम ब्रांड को लॉन्च करना है. CEO Rohan Pewekar के नेतृत्व में, यह विस्तार ऐसे लोगों को टारगेट करेगा जो बढ़ती ग्लोबल महंगाई के बावजूद खर्च करने की क्षमता रखते हैं.
Olive Garden की पेरेंट कंपनी Darden Restaurants के शेयर्स की वैल्यूएशन (23.5 गुना अर्निंग्स पर) और $21.2 अरब का मार्केट कैप, उनके बिजनेस मॉडल पर निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है. Darden ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार में हमेशा सावधानी बरती है, लेकिन अब भारत जैसे बाज़ार पर उनकी नज़र है.
महंगी डाइनिंग, तगड़ा कॉम्पिटिशन और महंगाई की मार?
Olive Garden का भारत में प्रीमियम कैजुअल डाइनिंग सेगमेंट में आना एक बड़ी चुनौती होगी. इस सेगमेंट में पहले से Westlife Foodworld (McDonald's) और Jubilant Foodworks (Domino's) जैसे दिग्गज मौजूद हैं, जिनकी मार्केट में बड़ी पकड़ है. ये कंपनियां जहां 72 गुना और 65 गुना अर्निंग्स पर ट्रेड कर रही हैं, वहीं Gourmet Investments को Olive Garden को इनके मुकाबले खड़ा करना होगा.
भारतीय बाज़ार के लिए Olive Garden अपने ग्लोबल मेन्यू में शाकाहारी (vegetarian) विकल्प जोड़ेगा. यह भारत जैसे देश के लिए ज़रूरी है, जहां आबादी का बड़ा हिस्सा शाकाहारी है. हालांकि, ब्रांड की असल पहचान बनाए रखते हुए यह बदलाव करना एक मुश्किल काम होगा.
भारत में करीब 5.5% की महंगाई दर से आम लोगों की खर्च करने की क्षमता पर असर पड़ सकता है. ऐसे में, यह देखना होगा कि क्या सिर्फ अमीर वर्ग ही डाइनिंग आउट पर खर्च जारी रखेगा.
executiion का रिस्क और एनालिस्ट की राय
Gourmet Investments की आक्रामक विस्तार योजना, खासकर Olive Garden जैसे बड़े ब्रांड को उतारना, भारत के जटिल बाज़ार में एग्जीक्यूशन (execution) के लिहाज़ से जोखिम भरा है. अमीर ग्राहक महंगाई से कम प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन प्रीमियम डाइनिंग सेगमेंट फिर भी आर्थिक चुनौतियों के प्रति संवेदनशील है.
एनालिस्ट्स Darden Restaurants के घरेलू ऑपरेशन्स को तो सपोर्ट करते हैं, लेकिन भारत जैसे देशों में बड़े अंतरराष्ट्रीय वेंचर्स को ज़्यादा जोखिम भरा और लंबी अवधि का दांव मानते हैं. इन योजनाओं को सफल बनाने के लिए स्थानीय ग्राहकों की पसंद और तगड़े कॉम्पिटिशन से निपटना अहम होगा.