बेंगलुरु की स्टार्टअप कंपनी ONYA ने Pre-Series A राउंड में ₹12.5 करोड़ जुटाए हैं। कंपनी इस फंड का उपयोग पुणे और हैदराबाद में नए स्टोर खोलने के लिए करेगी, लेकिन इसकी 80% बायबैक पॉलिसी निवेशकों के लिए एक बड़ा रिस्क फैक्टर है।
बेंगलुरु स्थित ज्वेलरी स्टार्टअप ONYA ने Divisa Family Office के नेतृत्व में ₹12.5 करोड़ का Pre-Series A फंड जुटाया है। कंपनी का लक्ष्य अब अपने रिटेल फुटप्रिंट को बढ़ाना है और इसके लिए पुणे और हैदराबाद में फ्लैगशिप स्टोर खोलने की तैयारी है। बता दें कि वर्तमान में कंपनी के पास देश भर में 8 एक्सपीरियंस सेंटर मौजूद हैं।
हाइब्रिड मॉडल से विस्तार की रणनीति
ONYA ने अपने विस्तार के लिए हाइब्रिड रिटेल मॉडल चुना है, जिसमें कंपनी-ऑपरेटेड स्टोर्स और फ्रेंचाइजी पार्टनरशिप का मिश्रण होगा। इससे पहले नवंबर 2025 में कंपनी ने प्री-सीड राउंड में ₹5.5 करोड़ जुटाए थे, जो इसके मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल क्षमताओं की ओर इशारा करते हैं।
डिजाइन पर फोकस और कॉम्पिटिशन
लैब-ग्रोन डायमंड सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और गिरती कीमतों के बीच, ONYA ने प्राइज वॉर के बजाय डिजाइन और एस्थेटिक्स पर जोर दिया है। हाल ही में लॉन्च किया गया 'सिग्नेचर कलेक्शन' इसका उदाहरण है। कंपनी के फाउंडर्स हिमाली यादव और गौरव चौधरी का प्रयास है कि लैब-ग्रोन डायमंड्स को केवल लग्जरी आइटम न मानकर डेली वियर के तौर पर पेश किया जाए।
80% बायबैक पॉलिसी और जोखिम
ONYA की सबसे खास और चर्चा में रहने वाली पॉलिसी इसका 80% बायबैक कमिटमेंट है। लैब-ग्रोन डायमंड मार्केट में रीसेल वैल्यू की चिंता को दूर करने के लिए कंपनी ने यह भरोसा तो दिया है, लेकिन निवेशकों के नजरिए से यह एक बड़ी फाइनेंशियल लायबिलिटी भी है। अगर मार्केट में लैब-ग्रोन डायमंड की कीमतों में गिरावट आती है, तो कंपनी के कैश फ्लो और बैलेंस शीट पर भारी दबाव पड़ सकता है।
निवेशकों के लिए अहम मॉनिटरेबल्स
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी अपने आक्रामक रिटेल विस्तार और बायबैक ऑब्लिगेशंस के बीच तालमेल कैसे बिठाती है। हाई रेंट और इन्वेंट्री कॉस्ट के दौर में, कंपनी का यह मॉडल उसकी डिजाइन-बेस्ड प्राइसिंग पावर पर टिका हुआ है।
