ब्यूटी रिटेलर Nykaa ने अपने 'Nykaa Now' क्विक कॉमर्स सर्विस को **30** शहरों तक फैलाने की घोषणा की है। कंपनी **30-60** मिनट डिलीवरी मॉडल पर फोकस कर रही है, और **10** मिनट की डिलीवरी की रेस से दूर रहने का फैसला किया है। इसका मकसद इन्वेंटरी को बेहतर ढंग से मैनेज करना और मुनाफे को सुरक्षित रखना है।
Nykaa Now का बड़ा विस्तार
Nykaa अपने क्विक कॉमर्स वेंचर, Nykaa Now, को अगले साल 25 से 30 शहरों में लॉन्च करने की तैयारी में है। यह सर्विस फिलहाल 13 शहरों में चल रही है। कंपनी ने एक अलग रणनीति अपनाई है, जिसमें वे 10 मिनट की डिलीवरी के मुकाबले 30-60 मिनट का डिलीवरी विंडो टारगेट कर रहे हैं।
30-60 मिनट की डिलीवरी का गणित
मैनेजमेंट का यह फैसला ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कॉस्ट कंट्रोल पर आधारित है। Nykaa में ब्यूटी ई-कॉमर्स के CEO, Anchit Nayar के मुताबिक, ब्यूटी प्रोडक्ट्स के लिए उतनी ही तेज डिलीवरी की जरूरत नहीं होती जितनी ग्रोसरी या फ़ूड डिलीवरी के लिए होती है। 30-60 मिनट के विंडो से कंपनी 'रैपिड स्टोर्स' (छोटे लोकल वेयरहाउस) का बेहतर इस्तेमाल कर सकती है।
10 मिनट की डिलीवरी के लिए इन हब्स को तीन या चार गुना बढ़ाना पड़ता, जिसमें भारी कैपिटल लगती और इन्वेंटरी बढ़ जाती। लेकिन 30-60 मिनट की डिलीवरी विंडो के साथ, Nykaa 10,000 से ज़्यादा आइटम्स का गहरा स्टॉक रख सकती है, वो भी बिना ज़्यादा स्टॉक जमा होने के रिस्क के। यह स्ट्रैटेजी तेज डिलीवरी और अच्छे प्रॉफिट मार्जिन के बीच संतुलन बनाने के लिए है।
फाइनेंशियल परफॉरमेंस
ऑपरेशनल डिसिप्लिन पर इस फोकस के बाद Nykaa ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने ₹10,000 करोड़ का रेवेन्यू पार कर लिया है, जो ₹10,022 करोड़ रहा। नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹203.94 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹127.45 करोड़ था। कंपनी का EBITDA मार्जिन 7.5% रहा, जो ऑपरेटिंग खर्चों के बेहतर मैनेजमेंट को दर्शाता है।
निवेशक इस बात पर नज़र रखेंगे कि क्या यह स्ट्रैटेजी तेजी से कस्टमर ला पाएगी, बिना उस भारी कैश बर्न के जो अक्सर तेज डिलीवरी मॉडल्स से जुड़ा होता है। 14 अगस्त, 2026 तक, कंपनी का शेयर प्राइस भारतीय एक्सचेंजों पर ₹331.00 पर ट्रेड कर रहा था।
सेक्टर की चुनौतियाँ
हालांकि 30-60 मिनट का मॉडल इन्वेंटरी और इंफ्रास्ट्रक्चर के रिस्क को कम करता है, लेकिन ब्यूटी और पर्सनल केयर स्पेस में Nykaa को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। क्विक कॉमर्स राइवल्स अक्सर ज़्यादा प्रोडक्ट्स ऑफर करते हैं। अगर कस्टमर की पसंद तुरंत संतुष्टि की ओर बढ़ती है, तो Nykaa के मॉडल की परीक्षा होगी। साथ ही, फैशन सेगमेंट में एग्जीक्यूशन एक मुश्किल काम है। कंपनी को बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों और ट्रेडिशनल ई-कॉमर्स जायंट्स व नए क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से अपने मार्केट पोजीशन को बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
