Nureca ने अपने Q2 नतीजों में पिछले 5 सालों का सबसे दमदार रेवेन्यू दर्ज किया है। कंपनी की ग्रोथ ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सेगमेंट में रही है, लेकिन निवेशकों के लिए इन्वेंट्री मैनेजमेंट पर नजर रखना जरूरी है।
मुनाफे में शानदार उछाल
Nureca ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए मजबूत आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू 55% बढ़कर ₹58.53 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹37.74 करोड़ था। यह कंपनी का बीते 5 वर्षों का सबसे बेहतरीन तिमाही प्रदर्शन है। इसके अलावा, ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी 60% की शानदार बढ़ोतरी देखी गई है, जो ₹5.23 करोड़ पर पहुंच गया है।
ई-कॉमर्स का दबदबा और चुनौतियां
कंपनी की सेल्स स्ट्रेटेजी काफी हद तक डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर टिकी है। फिलहाल, कंपनी का 88% रेवेन्यू ई-कॉमर्स से आता है। यह डिजिटल-फर्स्ट अप्रोच कंपनी को तेजी से बढ़ाने में तो मदद कर रही है, लेकिन साथ ही इसे थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर भी बनाती है। अगर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की पॉलिसी बदलती है या कंपटीशन बढ़ता है, तो भविष्य में कंपनी के मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
ऑफलाइन विस्तार और इन्वेंट्री का दबाव
राहत की बात यह है कि कंपनी अब फिजिकल रिटेल में भी पैर पसार रही है। ऑफलाइन सेगमेंट में कंपनी ने पिछले साल के मुकाबले 90% की ग्रोथ दर्ज की है। वहीं, फेस्टिव सीजन की तैयारियों के चलते कंपनी ने अपनी इन्वेंट्री (स्टॉक) बढ़ाई है। हालांकि, ज्यादा स्टॉक जमा करने से वर्किंग कैपिटल फंसने का डर रहता है। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी इस इन्वेंट्री को कितनी तेजी से कैश में बदल पाती है।
फाइनेंशियल्स की स्थिति
कंपनी के लिए अच्छी खबर यह है कि वह पूरी तरह 'डेट-फ्री' (कर्ज मुक्त) है। फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही (H1) में कंपनी का रेवेन्यू 37% बढ़कर ₹98.87 करोड़ रहा, जबकि टैक्स के बाद का मुनाफा (PAT) 60% की छलांग लगाकर ₹7.12 करोड़ हो गया है। अब कंपनी के सामने असली चुनौती प्रॉफिट मार्जिन को बरकरार रखने और ऑफलाइन बिजनेस को बड़े स्तर पर ले जाने की होगी।
