Nomura ने ITC के शेयरों पर अपना रुख बदलते हुए 'Reduce' से 'Buy' कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि सिगरेट पर हालिया टैक्स बढ़ोतरी का असर अब स्थिर हो जाएगा। पहली तिमाही में वॉल्यूम में गिरावट के बावजूद, कंपनी रणनीतिक मूल्य निर्धारण और पोर्टफोलियो ग्रोथ के जरिए धीरे-धीरे प्रॉफिट मार्जिन में सुधार की उम्मीद कर रही है।
ITC के शेयर में तेजी की उम्मीद
जापानी ब्रोकरेज फर्म Nomura ने ITC के शेयरों को 'Reduce' रेटिंग से अपग्रेड करके 'Buy' कर दिया है। साथ ही, शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹340 कर दिया गया है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के सिगरेट बिजनेस के लिए मुश्किल दौर, जो हालिया टैक्स बढ़ोतरी के कारण आया था, अब खत्म होने वाला है।
सिगरेट बिजनेस का हाल
जून तिमाही में ITC के सिगरेट वॉल्यूम में पिछले साल की तुलना में 5% की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, यह गिरावट कई विश्लेषकों की उम्मीद से कम थी, जिन्होंने इससे कहीं ज्यादा बड़ी गिरावट का अंदेशा जताया था। लेकिन, इस सेगमेंट की प्रॉफिटेबिलिटी पर काफी दबाव देखा गया, जहाँ अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट एंड टैक्सेस (EBIT) में 35% की भारी गिरावट आई। यह सीधे तौर पर टैक्स बढ़ने के बाद कीमतों में की गई बढ़ोतरी को उपभोक्ताओं पर डालने की चुनौती को दर्शाता है।
इसके बावजूद, Nomura का विश्लेषण बताता है कि कीमतों में बढ़ोतरी के प्रति उपभोक्ताओं का रुख अभी भी मजबूत है। ब्रोकरेज ने पाया कि प्रॉफिटेबिलिटी ने तिमाही की शुरुआत में, यानी अप्रैल में सबसे निचला स्तर छुआ था, और उसके बाद से इसमें धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है। यह सुधार कंपनी की धीरे-धीरे कीमतें बढ़ाकर टैक्स बदलावों के साथ तालमेल बिठाने की रणनीति का नतीजा है, जिससे मांग में भारी गिरावट नहीं आई।
प्रॉफिटेबिलिटी और ग्रोथ का अनुमान
Nomura का अनुमान है कि ITC प्रोडक्ट इनोवेशन और मौजूदा पोर्टफोलियो के विस्तार के जरिए अपने प्रॉफिट मार्जिन में लगातार सुधार करता रहेगा। ब्रोकरेज फर्म अब भविष्यवाणी कर रही है कि कंपनी फाइनेंशियल ईयर 2027 की चौथी तिमाही तक टैक्स बढ़ोतरी से पहले के EBIT स्तर पर लौट सकती है। यह अनुमान बाजार की पिछली उम्मीदों से काफी तेज है।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए, फर्म सिगरेट वॉल्यूम में 5% और EBIT में 20% की गिरावट का अनुमान लगा रही है। हालांकि, फाइनेंशियल ईयर 2028 में इसके rebound की उम्मीद है, जिसमें वॉल्यूम ग्रोथ 3% और EBIT ग्रोथ 18% रहने का अनुमान है। ये अनुमान कंपनी की प्राइसिंग पावर को मार्केट डिमांड के साथ संतुलित करने की क्षमता पर आधारित हैं।
ध्यान रखने योग्य जोखिम (Monitorable Risks)
प्रॉफिटेबिलिटी का आउटलुक सुधर रहा है, लेकिन ITC के सामने अभी भी कुछ चुनौतियां हैं। एक बड़ा जोखिम रेगुलेटरी माहौल का है, खासकर तंबाकू उत्पादों पर और टैक्स बढ़ोतरी की संभावना। ऐसे कोई भी अतिरिक्त वित्तीय बदलाव मौजूदा रिकवरी पथ को बाधित कर सकते हैं। इसके अलावा, निवेशकों को यह भी देखना होगा कि क्या कंपनी वॉल्यूम ग्रोथ बनाए रख पाती है, अगर प्रॉफिट मार्जिन की सुरक्षा के लिए और प्राइसिंग एक्शन की जरूरत पड़ती है। कंपनी के नॉन-सिगरेट बिजनेस, जैसे FMCG और होटल, की प्रगति भी आने वाली तिमाहियों में कंपनी के समग्र वित्तीय स्वास्थ्य और स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण कारक होगी।
