Nish Hair की फाउंडर Parul Gulati ने बेंगलुरु के दो कर्मचारियों के खिलाफ ₹10 लाख के इन्वेंटरी (Inventory) चोरी की शिकायत दर्ज कराई है। स्टाफ पर ग्राहकों से मिले पेमेंट को कंपनी के सिस्टम से बाहर डायवर्ट करने और बिलिंग के बाहर बिक्री करने का आरोप है। ग्राहकों से कहा गया है कि वे सिर्फ ऑफिशियल पेमेंट चैनल का इस्तेमाल करें और रसीद मांगें।
क्या हुआ?
हेयर एक्सटेंशन और एक्सेसरीज़ ब्रांड Nish Hair की फाउंडर Parul Gulati ने अपनी बेंगलुरु ब्रांच के दो कर्मचारियों पर कंपनी के ₹10 लाख के कीमती स्टॉक (Stock) को चुराने का गंभीर आरोप लगाया है। Gulati के मुताबिक, इन कर्मचारियों ने कई महीनों में धीरे-धीरे यह स्टॉक गायब किया। यह चोरी तब सामने आई जब हालिया ऑडिट (Audit) में स्टॉक रिकॉर्ड में ₹10 लाख का बड़ा घाटा दिखा, जबकि पहले सब कुछ ठीक लग रहा था। इस मामले में Parul Gulati ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
कैसे काम करती थी यह स्कीम?
कंपनी फाउंडर के आरोपों के अनुसार, इन कर्मचारियों ने ब्रांड के फाइनेंसियल कंट्रोल्स (Financial Controls) को बायपास किया। उन्होंने ग्राहकों से मिले पेमेंट को सीधे अपने पर्सनल बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर लिया, बजाय इसके कि पैसा कंपनी के ऑफिशियल अकाउंट में जाए। इतना ही नहीं, ये कर्मचारी कंपनी की बिलिंग सिस्टम से बाहर, यानी 'ऑफ-बुक' (Off-book) तरीके से भी बिक्री कर रहे थे। इनमें से एक आरोपी ने कबूल किया है कि वह लगभग 6 महीने से यह सब कर रहा था और उसने करीब ₹8 लाख का निजी फायदा उठाया। दूसरे आरोपी कर्मचारी का फिलहाल कोई पता नहीं चल पा रहा है।
बिजनेस और ग्राहकों पर असर?
यह घटना छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) के लिए एक बड़ी चेतावनी है, खासकर जब बात इंटरनल कंट्रोल्स (Internal Controls) और रिटेल मैनेजमेंट (Retail Management) की आती है। एक डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (Direct-to-consumer) ब्रांड के लिए, इस तरह की धोखाधड़ी से रेवेन्यू (Revenue) का नुकसान होता है, इन्वेंटरी का गलत हिसाब-किताब होता है और ब्रांड की इमेज को भी नुकसान पहुँचता है। Parul Gulati ने ग्राहकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। कंपनी ने ग्राहकों से अपील की है कि वे हर खरीद पर पक्की बिल (Official Invoice) ज़रूर लें और पेमेंट सिर्फ कंपनी के बताए गए ऑफिशियल पेमेंट लिंक या QR कोड के ज़रिये ही करें, जिस पर 'Nish Hair' का नाम स्पष्ट लिखा हो। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि जो ग्राहक अनजाने में पर्सनल अकाउंट में पेमेंट कर चुके हैं, उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो और उनके पास खरीद का वैलिड रिकॉर्ड हो।
निवेशकों और छोटे कारोबारियों के लिए सीख
भले ही Nish Hair एक प्राइवेट कंपनी है, लेकिन यह घटना निवेशकों और उद्यमियों के लिए एक प्रैक्टिकल केस स्टडी (Case Study) का काम करती है कि कैसे मजबूत इंटरनल कंट्रोल्स (Internal Controls) रखना ज़रूरी है। आमतौर पर, इस तरह की समस्याओं को रोकने के लिए बिजनेस मालिक रियल-टाइम इन्वेंटरी मैनेजमेंट (Real-time Inventory Management) को पॉइंट-ऑफ-सेल (Point-of-Sale) सिस्टम के साथ इंटीग्रेट (Integrate) करने, रेगुलर स्टॉक ऑडिट (Stock Audit) कराने और स्ट्रिक्ट पॉलिसीज़ (Strict Policies) लागू करने पर ध्यान देते हैं, जिसमें कर्मचारियों को पर्सनल अकाउंट में पेमेंट लेने से मना किया जाता है। आगे चलकर, कंपनी पुलिस जांच के नतीजों का इंतज़ार करेगी और संभवतः भविष्य में ऐसे नुकसान से बचने के लिए रिटेल ओवरसाइट (Retail Oversight) प्रक्रियाओं को और मजबूत करेगी।
