बाजार मूल्य में बड़ी गिरावट के कारण Nike को 21 सितंबर 2026 से S&P 100 इंडेक्स से बाहर कर दिया जाएगा। कंपनी S&P 500 में बनी रहेगी और न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज पर कामकाज सामान्य रहेगा।
S&P Dow Jones Indices ने स्पष्ट किया है कि Nike का नाम 21 सितंबर 2026 से S&P 100 की लिस्ट से हट जाएगा। निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि यह कंपनी का शेयर बाजार से डीलिस्टिंग (Delisting) नहीं है। Nike, S&P 500 इंडेक्स का हिस्सा बनी रहेगी और न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होती रहेगी। S&P 100 में उन दिग्गज कंपनियों को शामिल किया जाता है, जो साइज और स्थिरता के कड़े मानदंडों पर खरी उतरती हैं।
गिरावट की बड़ी वजह
साल 2021 में कंपनी का मार्केट कैप लगभग $280 बिलियन के शिखर पर था, जो अब घटकर मात्र $57 बिलियन रह गया है। 2021 के हाई से शेयर की कीमत में करीब 79% की भारी गिरावट देखी गई है, जो लगातार कमजोर रेवेन्यू और मार्जिन प्रेशर के कारण आई है।
चुनौतियों का सामना और टर्नअराउंड प्लान
Nike की परेशानी तब बढ़ी जब कंपनी ने होलसेल पार्टनरशिप खत्म कर डिजिटल सेल्स पर जरूरत से ज्यादा जोर दिया। इसका फायदा Hoka और On Running जैसे नए प्रतिस्पर्धियों को मिला। चीन के बाजार में भी Anta और Li-Ning जैसे स्थानीय ब्रांड्स ने Nike की पकड़ ढीली कर दी है। अब कंपनी के CEO Elliott Hill एक मुश्किल टर्नअराउंड रणनीति पर काम कर रहे हैं, जिसका लक्ष्य होलसेल संबंधों को फिर से दुरुस्त करना और इनोवेशन पर ध्यान देना है।
निवेशकों के लिए जोखिम
इंडेक्स से हटने के बाद पैसिव इंडेक्स फंड्स को अपनी होल्डिंग्स बेचनी पड़ सकती है, जिससे शेयर पर शॉर्ट टर्म में अतिरिक्त दबाव देखने को मिल सकता है। भविष्य में निवेशकों को कंपनी की तिमाही रिपोर्ट्स पर नजर रखनी होगी, विशेष रूप से चीन के बाजार में रिकवरी और होलसेल बिजनेस की वापसी कितनी प्रभावी रहती है, यह देखना अहम होगा।
