स्पोर्ट्सवियर दिग्गज Nike ने साल 2028 तक बेंगलुरु में नया ऑपरेशनल कैंपस बनाने का ऐलान किया है, जो उसके 'Pace' रीस्ट्रक्चरिंग प्रोग्राम का हिस्सा है। हालांकि, कंपनी के कमजोर Q1 नतीजों ने निवेशकों को निराश किया है, जिसके चलते शेयर में भारी गिरावट देखी गई है।
Nike ने अपनी नई रणनीति 'Pace' के तहत बेंगलुरु में एक नया ऑपरेशनल कैंपस खोलने की घोषणा की है। इस फैसले का मकसद ऑपरेशंस को सरल बनाना और ब्रांड्स जैसे Jordan और Converse को मजबूती देना है। हालांकि, यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब कंपनी बड़े वित्तीय संकट से जूझ रही है।
Q1 नतीजों ने बढ़ाई चिंता
कंपनी के हालिया फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही के आंकड़े बेहद निराशाजनक रहे हैं। Nike का रेवेन्यू 4% गिरकर $11.21 बिलियन पर आ गया है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि कंपनी ने पूरे साल के लिए जो गाइडेंस दी है, वह काफी कमजोर है। खराब नतीजों के चलते कंपनी का शेयर प्री-मार्केट ट्रेडिंग में 7% से 9% तक गिर गया है।
'Pace' प्रोग्राम की हकीकत
'Pace' रीस्ट्रक्चरिंग प्रोग्राम के जरिए Nike का लक्ष्य साल 2031 तक $2.5 बिलियन की बचत करना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी लगभग $1.0 बिलियन का रीस्ट्रक्चरिंग चार्ज भी लेगी। बेंगलुरु कैंपस इसी योजना का एक हिस्सा है, ताकि कंपनी के ऑपरेशंस को ग्लोबल स्तर पर बेहतर बनाया जा सके।
बड़े मार्केट में सुस्ती
कंपनी के लिए चीन (Greater China) का बाजार सबसे बड़ी चुनौती बन गया है, जहां रेवेन्यू में 22% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि कंपनी का नया रीस्ट्रक्चरिंग मॉडल कैसे सेल्स को पटरी पर लाता है, क्योंकि कंपनी के सामने ऑर्गेनाइजेशन लेवल पर बड़े बदलाव की चुनौती बनी हुई है।
