कमजोर अनुमान ने बढ़ाई निवेशकों की टेंशन
विश्लेषकों (Analysts) का अनुमान था कि इस तिमाही में Nike के रेवेन्यू में 2% की बढ़ोतरी होगी और पूरे साल के लिए भी बेहतर ग्रोथ देखने को मिलेगी। लेकिन कंपनी का फोरकास्ट इससे बिल्कुल अलग है। Nike को अब इस तिमाही में रेवेन्यू में 2-4% की गिरावट और पूरे साल के लिए सिर्फ लो सिंगल डिजिट ग्रोथ की उम्मीद है। यह गैप दिखाता है कि कंपनी लीडरशिप हासिल करने के लिए संघर्ष कर रही है।
चीन में गहरी मंदी का असर
Nike के लिए चीन (Greater China) एक बहुत बड़ा और अहम बाजार है, लेकिन वहां की स्थिति चिंताजनक है। इस तिमाही में चीन में बिक्री लगभग 20% तक गिरने का अनुमान है। इसकी मुख्य वजहें हैं - आर्थिक मंदी, रियल एस्टेट संकट, नौकरी बाजार की अस्थिरता और बढ़ती प्रतिस्पर्धा (Competition)। इन सबके चलते कंपनी को डिस्काउंटिंग (Discounting) बढ़ानी पड़ रही है।
ग्लोबल चुनौतियां और Converse ब्रांड का हाल
चीन के अलावा, Nike को दुनिया भर में ऑपरेशनल दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे संघर्षों के कारण यूरोप और अन्य क्षेत्रों में सप्लाई चेन (Supply Chain) बाधित हुई है और इन्वेंट्री (Inventory) बढ़ गई है। वहीं, Converse ब्रांड की परफॉरमेंस भी उम्मीद के मुताबिक नहीं है, पिछले तिमाही में इसकी बिक्री भी उम्मीद से ज्यादा गिरी थी। ये सब चुनौतियां CEO Elliott Hill के टर्नअराउंड प्लान पर दबाव बना रही हैं।
उत्तरी अमेरिका में मिली थोड़ी राहत
इन सबके बीच, Nike के लिए एक अच्छी खबर उत्तरी अमेरिका (North America) से आ रही है। वहां होलसेल रेवेन्यू (Wholesale Revenue) मजबूत बना हुआ है। कंपनी को उम्मीद है कि साल के बाकी हिस्से में उत्तरी अमेरिका से ग्रोथ जारी रहेगी, जो वैश्विक चिंताओं के बीच कुछ हद तक सहारा दे सकती है।