Nike के शेयरों में आज बड़ी गिरावट देखने को मिली है। कंपनी ने अपने पहली तिमाही के कमजोर नतीजे पेश किए हैं और भविष्य के लिए निराशाजनक सेल्स अनुमान जारी किए हैं, जिसके बाद स्टॉक **8.5%** लुढ़क गया है।
Nike के शेयरों पर दबाव की मुख्य वजह कंपनी का पहली तिमाही का कमजोर प्रदर्शन है। 31 अगस्त को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू $11.2 अरब रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 4% कम है। निवेशकों को सबसे बड़ा झटका कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2027 के अनुमान से लगा, जिसमें रेवेन्यू में बड़ी गिरावट की आशंका जताई गई है।
'Pace' प्लान और छंटनी
बढ़ते संकट से निपटने के लिए Nike ने 'Pace' नाम से एक बड़ा रिस्ट्रक्चरिंग प्रोग्राम शुरू किया है। इस योजना का मकसद 2031 तक $2.5 अरब की लागत बचाना है। इसके तहत 2027 से कर्मचारियों की छंटनी शुरू की जाएगी। कंपनी अपने ग्लोबल ऑपरेशंस को तीन भौगोलिक क्षेत्रों में बांट रही है और भारत में एक नया कैंपस खोलने की भी योजना है।
चीन का मार्केट और बढ़ती प्रतिस्पर्धा
कंपनी के लिए चीन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, जहां रेवेन्यू में 26% की गिरावट आई है। यह लगातार नौवीं तिमाही है जब कंपनी को वहां कमजोरी का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा, Jordan और Converse जैसे ब्रांड्स भी दबाव में हैं। बाजार में On और Hoka जैसे नए ब्रांड्स से मिल रही कड़ी चुनौती Nike के लिए बड़ी चिंता का विषय है।
नोट: भारतीय निवेशक ध्यान दें कि Nike का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) या बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड नहीं है। यह न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) पर ट्रेड करता है।
