Nestlé आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके GLP-1 वजन घटाने वाली दवाएं लेने वाले ग्राहकों के लिए खास न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स (Nutrition Products) तैयार कर रही है। इस स्ट्रैटेजी का मकसद दवाइयों के साइड इफेक्ट्स, जैसे मांसपेशियों का कमजोर होना, से निपटना और एक नया मार्केट सेगमेंट कैप्चर करना है। कंपनी पर प्रॉफिट का दबाव बना हुआ है, ऐसे में निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या यह बदलाव भूख कम करने वाली दवाओं के कारण बदलती कंजम्पशन हैबिट्स (Consumption Habits) को पूरा कर पाएगा।
AI का इस्तेमाल कर Nestlé का नया दांव
Nestlé अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस न्यूट्रिशनल साइंस (Nutritional Science) का इस्तेमाल करके GLP-1 वजन घटाने वाली दवाओं, जैसे Ozempic और Mounjaro, के यूजर्स के लिए खास फूड और सप्लीमेंट प्रोडक्ट्स की एक नई रेंज तैयार कर रही है। इस बढ़ते यूजर बेस की हेल्थ (Health) की जरूरतों को टारगेट करके, कंपनी अपने पारंपरिक बिजनेस के लिए एक संभावित खतरे को नए रेवेन्यू (Revenue) के अवसर में बदलने की कोशिश कर रही है।
स्ट्रैटेजिक बदलाव: 'वाइटल पर्स्यूट' ब्रांड
दुनिया भर में लाखों लोग वजन कम करने के लिए GLP-1 दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये दवाएं अक्सर भूख को दबा देती हैं, जिससे निवेशकों को चिंता है कि ग्राहक Nestlé जैसे कंपनियों के पारंपरिक पैक्ड फूड प्रोडक्ट्स, जैसे स्नैक्स (Snacks) और कन्फेक्शनरी (Confectionery), कम खरीद सकते हैं। इस ट्रेंड को एक निगेटिव संकेत मानने के बजाय, Nestlé हेल्थ-कॉन्शियस (Health-Conscious), न्यूट्रिएंट-डेंस (Nutrient-Dense) विकल्पों की मांग को पूरा करना चाहती है। कंपनी ने पहले ही अमेरिका में अपना 'Vital Pursuit' ब्रांड लॉन्च किया है, जो हाई-प्रोटीन (High-Protein), पोर्शन-अलाइंड (Portion-Aligned) मील्स पर फोकस करता है। इसके अलावा, कंपनी ने अपने Milo माल्ट ड्रिंक जैसे मौजूदा प्रोडक्ट्स के हाई-प्रोटीन वेरिएंट (Variants) भी पेश किए हैं।
'फूड जिनी' AI प्लेटफॉर्म
इन स्पेशल प्रोडक्ट्स को तेजी से बनाने के लिए, Nestlé 'Food Genie' नामक अपने इंटरनल AI प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रही है। यह टूल कंपनी की रिसर्च टीम को हजारों क्लिनिकल स्टडीज (Clinical Studies) और रेसिपीज (Recipes) का विश्लेषण करने में मदद करता है ताकि सही न्यूट्रिएंट कॉम्बिनेशन (Nutrient Combination) मिल सके। इसका मुख्य लक्ष्य GLP-1 यूजर्स द्वारा रिपोर्ट किए गए आम साइड इफेक्ट्स, जैसे मांसपेशियों का कमजोर होना और न्यूट्रिशनल डेफिशियेंसी (Nutritional Deficiency) से निपटना है। AI का उपयोग करके कंज्यूमर प्रेफरेंस (Consumer Preference) का सिमुलेशन (Simulation) करने और रेसिपी परफॉर्मेंस (Recipe Performance) का अनुमान लगाने से, कंपनी हेल्थ-फोकस्ड प्रोडक्ट्स को तेजी से और अधिक कुशलता से बाजार में लाने की उम्मीद कर रही है।
वित्तीय चुनौतियां
यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब Nestlé महत्वपूर्ण वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही है। 2026 की पहली छमाही में, कंपनी ने 3.6% का ऑर्गेनिक ग्रोथ (Organic Growth) दर्ज किया, लेकिन इसका ग्लोबल नेट प्रॉफिट (Net Profit) 31.4% घटकर CHF 3.5 बिलियन रह गया। यह गिरावट हाई इनपुट कॉस्ट (Input Costs), मार्जिन प्रेशर (Margin Pressure) और वोलेटाइल फॉरेन एक्सचेंज रेट्स (Volatile Foreign Exchange Rates) जैसे कठिन ऑपरेटिंग माहौल को दर्शाती है। निवेशक इस बात पर नजर रख रहे हैं कि क्या हाई-वैल्यू (High-Value), स्पेशलाइज्ड न्यूट्रिशन (Specialized Nutrition) पर Nestlé का फोकस मार्जिन रिकवर करने और महंगाई के दबाव को कम करने में मदद कर सकता है।
संभावित जोखिम
हालांकि यह स्ट्रैटेजी एक स्पष्ट कंज्यूमर नीड (Consumer Need) को एड्रेस (Address) करने की कोशिश कर रही है, इसमें जोखिम भी हैं। कुछ न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स (Nutrition Experts) अभी भी संदेह में हैं, उनका तर्क है कि मीट (Meat), फिश (Fish), एग्स (Eggs) और वेजिटेबल्स (Vegetables) जैसे साबुत, प्राकृतिक खाद्य पदार्थ प्रोसेस्ड स्पेशलाइज्ड सप्लीमेंट्स (Processed Specialized Supplements) की तुलना में कम लागत पर समान न्यूट्रिशनल बेनिफिट्स (Nutritional Benefits) प्रदान करते हैं। इसके अलावा, इस प्रोडक्ट लाइन की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या कंज्यूमर्स इन आइटम्स को जरूरी मानते हैं या एक अनावश्यक खर्च। कंपनी को ग्लोबल मैक्रोइकोनॉमिक रिस्क (Global Macroeconomic Risks) को भी मैनेज करना होगा, जिसने हाल ही में इसकी प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) को प्रभावित किया है। शेयरधारकों के लिए, अगली महत्वपूर्ण बात इन नए हेल्थ-फोकस्ड प्रोडक्ट्स की सेल्स परफॉर्मेंस (Sales Performance) होगी और क्या वे कंपनी के पारंपरिक स्नैक पोर्टफोलियो (Snack Portfolio) की मांग में किसी भी गिरावट की भरपाई कर सकते हैं।
