Nestle SA अब अपने नूडल्स बिजनेस को यूरोप और अमेरिका में बड़े पैमाने पर लॉन्च करने जा रही है। कंपनी इसके लिए भारत की सफलता को एक 'ब्लूप्रिंट' की तरह इस्तेमाल करेगी। यह फैसला Nestle India के शानदार प्रदर्शन के बाद आया है, जहां कंपनी ने मुनाफे में **35.81%** की भारी उछाल दर्ज की है।
भारत का सक्सेस फॉर्मूला
भारत Maggi ब्रांड के लिए दुनिया का सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन बना हुआ है, जहां हर साल 5.7 बिलियन से ज्यादा सर्विंग्स कंज्यूम की जाती हैं। भारतीय बाजार कंपनी के लिए स्केल और एफिशिएंसी का एक बेंचमार्क है। सितंबर तिमाही के आंकड़ों पर नजर डालें तो Nestle India का नेट प्रॉफिट ₹1,009.61 करोड़ रहा है, जो पिछले साल के मुकाबले 35.81% ज्यादा है। कंपनी का रेवेन्यू भी 20.45% बढ़कर ₹6,782.17 करोड़ तक पहुंच गया है। FMCG सेक्टर में यह डबल डिजिट वॉल्यूम ग्रोथ बहुत मायने रखती है।
ग्लोबल स्ट्रेटेजी और टारगेट
ग्लोबल स्तर पर Nestle SA ने सितंबर तिमाही में 22.8 बिलियन स्विस फ्रैंक की कुल बिक्री दर्ज की है। कंपनी 4% की ऑर्गेनिक ग्रोथ के साथ आगे बढ़ रही है। हालांकि भारत में यह ग्रोथ 20% है, जिसे कंपनी अब विकसित देशों में 'कन्वीनियंस' फूड सेगमेंट के जरिए दोहराना चाहती है। वेस्टर्न देशों में अब लोग झटपट बनने वाले खाने को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिसका फायदा उठाने के लिए Nestle अपनी ग्लोबल स्ट्रैटेजी बदल रही है।
निवेशकों के लिए जोखिम और चुनौतियां
निवेशकों को अब इस ग्लोबल विस्तार के 'एक्जीक्यूशन रिस्क' पर नजर रखनी होगी। पश्चिमी देशों में स्थानीय ब्रांडों से मुकाबला करना और वहां के लोगों के स्वाद के हिसाब से खुद को ढालना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती होगी। भारत में Nestle पहले से ही ITC के 'Yippee!' ब्रांड से कड़ी टक्कर ले रही है।
इसके अलावा, गेहूं और पाम ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन पर दबाव डाल सकते हैं। कंपनी ने हाल की तिमाही में कीमतों को मैनेज करके ग्रोथ को सपोर्ट किया है, लेकिन आने वाले समय में वॉल्यूम ग्रोथ और नई जगहों पर इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने की लागत मुनाफे पर कैसा असर डालेगी, यह देखना काफी दिलचस्प होगा।
