Nestlé India बहुत जल्द अपने पैरेंट कंपनी के टॉप-5 ग्लोबल मार्केट्स में शामिल होने की तैयारी में है। साल 2026 की पहली छमाही में कंपनी ने वॉल्यूम ग्रोथ के दम पर शानदार प्रदर्शन किया है, जिसके लिए ओडिशा में बड़े पैमाने पर कैपेसिटी विस्तार किया जा रहा है।
ओडिशा में नई ताकत
अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए Nestlé India इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बड़ा बना रही है। फिलहाल कंपनी के पास 9 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं और 10वां प्लांट ओडिशा में तैयार हो रहा है। यह प्रोजेक्ट कंपनी को महज एक डोमेस्टिक सप्लायर से बदलकर एक ग्लोबल एक्सपोर्ट हब बनाने की दिशा में अहम कदम है। कंपनी 30 से ज्यादा देशों में अपनी पहुंच को और मजबूत करना चाहती है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और वैल्यूएशन
फाइनेंशियल ईयर 2026 की जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹975 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 47.9% का उछाल है। हालांकि, बाजार की नजर इसके वैल्यूएशन पर भी है। Nestlé India का P/E रेशियो अभी 75 के आसपास है, जो एफएमसीजी सेक्टर में काफी ज्यादा माना जाता है। निवेशकों को इस बात का डर है कि क्या यह हाई वैल्यूएशन भविष्य में भी बरकरार रह पाएगी।
कमोडिटी और ऑपरेशनल रिस्क
कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। कोको (Cocoa), कॉफी और एडिबल ऑयल की कीमतों में ग्लोबल अस्थिरता का सीधा असर मार्जिन पर पड़ सकता है। अगर इनपुट कॉस्ट बढ़ती है, तो कंपनी को इसे ग्राहकों पर डालना होगा, जिससे डिमांड पर असर पड़ने का जोखिम है। अब देखना यह होगा कि कंपनी ओडिशा प्लांट के जरिए अपना वॉल्यूम-ग्रोथ और प्रॉफिट का तालमेल कैसे बिठाती है।
