Nestle India ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में 18.5% की शानदार ईयर-ऑन-ईयर रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, जो ₹5,667 करोड़ तक पहुंच गई। यह प्रदर्शन उम्मीद से कहीं बेहतर रहा और खास तौर पर प्रोडक्ट की डिमांड (Volume Growth) में आई जबरदस्त तेजी की वजह से संभव हुआ, जो पिछले लगभग 5 सालों में सबसे मजबूत है। कंपनी की डोमेस्टिक सेल्स में 18.3% का इजाफा हुआ, वहीं एक्सपोर्ट्स ने 23% की प्रभावशाली बढ़त दर्ज की।
मुनाफे (Net Profit) के मोर्चे पर भी कंपनी ने 46% की छलांग लगाते हुए ₹1,018 करोड़ का आंकड़ा छुआ। लेकिन, इस बड़ी बढ़ोतरी में इनकम-टैक्स से जुड़ा करीब ₹1.57 अरब का एक खास 'एक्सेप्शनल आइटम क्रेडिट' भी शामिल था। इस एकमुश्त लाभ को हटा दें तो, एडजेस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Adjusted Profit After Tax) में 29.4% की बढ़ोतरी हुई।
हालांकि, इनपुट कॉस्ट (Input Cost) में लगातार बढ़त, जैसे कॉफी, कोको और दूध जैसी प्रमुख कमोडिटीज के महंगे होने के कारण, कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव देखने को मिला। EBITDA में 9% का इजाफा जरूर हुआ, पर ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 149 बेसिस पॉइंट घटकर 21.2% पर आ गए। इस बीच, बोर्ड ने शेयरधारकों को ₹7 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) देने का भी ऐलान किया है।
वैल्यूएशन की चिंता बनी हुई है:
रेवेन्यू ग्रोथ और मजबूत वॉल्यूम के बावजूद, Nestle India का स्टॉक प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है, जो एनालिस्ट्स के लिए चिंता का विषय है। फरवरी 2026 की शुरुआत तक, कंपनी का पिछला बारह महीनों का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो 75x से 85x के बीच बना हुआ है। इसी को देखते हुए, ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने स्टॉक पर 'Neutral' रेटिंग बनाए रखी है और ₹1,400 का टारगेट प्राइस दिया है, जो दिसंबर 2027 की अनुमानित आय पर 60x P/E के हिसाब से है। इसी तरह, Prabhudas Lilladher ने भी ₹1,394 के टारगेट के साथ 'Hold' रेटिंग दी है, क्योंकि उनका मानना है कि फॉरवर्ड अर्निंग अनुमानों के हिसाब से भी वैल्यूएशन काफी अधिक है।