Nestle India के Q2 FY2027 नतीजे आए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट **36.3%** उछलकर **₹1,026.7 करोड़** पहुंच गया है। हालांकि, रिवेन्यू में **20.5%** की बढ़त के बावजूद, ऑपरेटिंग खर्चों में **17%** के इजाफे से निवेशकों ने बिकवाली की है और स्टॉक दबाव में दिखा।
मुनाफे के बाद भी बिकवाली क्यों?
National Stock Exchange पर आज Nestle India के शेयरों में भारी उथल-पुथल रही। कंपनी ने सितंबर तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए, लेकिन बाजार का मूड कुछ और ही था। नतीजों के बाद इंट्राडे ट्रेड में स्टॉक 9% तक गिर गया, जो बाद में थोड़ा संभला जरूर, लेकिन दोपहर तक यह 4% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था।
नंबर्स का गणित
Q2 FY2027 में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹1,026.7 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹753.2 करोड़ था। कंपनी का ऑपरेशन्स से रिवेन्यू 20.5% बढ़कर ₹6,782.17 करोड़ हो गया। इसमें एक्सपोर्ट्स का योगदान भी अहम रहा, जो 22% बढ़कर ₹267.3 करोड़ दर्ज किया गया।
असली मुसीबत: बढ़ती लागत
मजबूत रिवेन्यू के बावजूद, कंपनी के कुल ऑपरेटिंग खर्च 17% बढ़कर ₹5,405.51 करोड़ पर पहुंच गए। इसकी मुख्य वजह कच्चे माल (Raw Material) की बढ़ती कीमतें हैं। हालांकि कंपनी का EBITDA 31% बढ़कर ₹1,615.48 करोड़ रहा, लेकिन मार्केट इस बात को लेकर चिंतित है कि क्या कंपनी भविष्य में भी इन मार्जिन को बचा पाएगी।
FMCG सेक्टर के लिए चुनौती
फिलहाल FMCG सेक्टर महंगाई की मार झेल रहा है। कंज्यूमर काफी सोच-समझकर खर्च कर रहे हैं, जिससे कंपनियों के लिए मार्जिन और वॉल्यूम के बीच संतुलन बनाना मुश्किल हो गया है। आने वाली तिमाहियों में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या कच्चे माल की कीमतें स्थिर होती हैं या लागत का दबाव इसी तरह जारी रहता है।
