Nestlé India का Q2 रेवेन्यू **20.5%** बढ़कर **₹6,782 करोड़** पहुंच गया है, लेकिन इसके बावजूद निवेशकों ने स्टॉक में बिकवाली की है। ऊंची वैल्यूएशन और बढ़ती इनपुट कॉस्ट ने बाजार का सेंटीमेंट बिगाड़ दिया है।
बाजार की निराशा क्यों?
Nestlé India ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में ₹6,782 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर 20.5% की शानदार ग्रोथ है। इतने दमदार आंकड़ों के बावजूद निवेशकों का रुख काफी सख्त रहा और कंपनी का शेयर 7.7% तक गिर गया। साफ है कि बाजार अब केवल रेवेन्यू की ग्रोथ नहीं, बल्कि भविष्य में मुनाफे की स्थिरता (Sustainability) पर ध्यान दे रहा है।
मार्केटिंग पर बड़ा दांव
कंपनी ने अपनी ब्रांड विजिबिलिटी बढ़ाने के लिए मार्केटिंग और एडवरटाइजिंग खर्च में साल-दर-साल 46% की भारी बढ़ोतरी की है। अब कंपनी का आधा से ज्यादा प्रोमोशनल बजट डिजिटल मीडिया पर खर्च हो रहा है। सवाल यह है कि अगर आने वाले समय में डिमांड सुस्त पड़ती है, तो क्या कंपनी इतना बड़ा खर्च बरकरार रख पाएगी?
मार्जिन पर दबाव
FMCG सेक्टर इन दिनों कठिन दौर से गुजर रहा है। हालांकि कंपनी ने अपना EBITDA मार्जिन 195 बेसिस पॉइंट्स सुधारकर 23.8% किया है, लेकिन कोको और चीनी जैसी कमोडिटी की कीमतों में जारी तेजी कंपनी के मुनाफे पर दबाव बना रही है।
वैल्यूएशन का गणित
Nestlé India का स्टॉक अभी 55x के प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो पर ट्रेड कर रहा है, जो कि FMCG सेक्टर के औसत 35x के मुकाबले काफी महंगा है। निवेशक अब तक इसके भरोसे और ब्रांड वैल्यू के लिए प्रीमियम दे रहे थे, लेकिन ताजा गिरावट बताती है कि अब इस प्रीमियम को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होगा। बाजार अब कंपनी के मार्जिन और इनपुट कॉस्ट मैनेजमेंट पर कड़ी नजर रखे हुए है।
