Nestle India के शेयरों में गुरुवार को गिरावट दर्ज की गई, भले ही कंपनी ने जून तिमाही के लिए पिछले साल की तुलना में **48%** की जोरदार मुनाफा वृद्धि दर्ज की हो। FMCG दिग्गज ने **25%** का रेवेन्यू ग्रोथ दिखाया, लेकिन ब्रोकरेज फर्मों की राय में स्टॉक के वैल्यूएशन (Valuation) को लेकर मतभेद बना हुआ है। निवेशक कंपनी के मजबूत प्रदर्शन को मौजूदा बाजार में इसकी प्रीमियम कीमत के मुकाबले तौल रहे हैं।
Detailed Coverage
Nestle India के नतीजे: क्या हुआ खास?
Nestle India ने 2027 के फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं, लेकिन बाजार की प्रतिक्रिया थोड़ी निराशाजनक रही। कंपनी ने जून तिमाही में ₹958.7 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 48% ज्यादा है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू भी 25% बढ़कर ₹6,378.2 करोड़ हो गया।
नतीजों की गहराई से पड़ताल
कंपनी का स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Profit After Tax) ₹975.1 करोड़ रहा, जो बाजार के अनुमानों से भी बेहतर है। सेल्स में 25.4% की बढ़ोतरी हुई, जिसका मुख्य कारण डोमेस्टिक डिमांड में 25% का इजाफा रहा। मैनेजमेंट का कहना है कि ग्रोथ व्यापक रही, जिसमें सभी बड़े प्रोडक्ट कैटेगरी और सेल्स चैनलों में डबल-डिजिट ग्रोथ देखने को मिली। इस तिमाही में एक्सपोर्ट में 35.6% की जोरदार ग्रोथ एक अहम फैक्टर रही, जो ग्लोबल सप्लाई चेन की चुनौतियों के बावजूद मजबूत बनी रही। इस ग्रोथ को सहारा देने के लिए, कंपनी ने एडवरटाइजिंग (Advertising) पर अपने खर्च को सालाना आधार पर 40% से ज्यादा बढ़ाया, वहीं 24.2% के सॉलिड EBITDA मार्जिन को बनाए रखा।
ब्रोकरेज फर्मों की मिली-जुली राय
इन मजबूत नतीजों के बावजूद, बाजार के विश्लेषक स्टॉक की भविष्य की दिशा को लेकर बंटे हुए हैं। Nomura ने कंपनी की लगातार तीन तिमाहियों से अर्निंग्स ग्रोथ (Earnings Growth) देने की क्षमता को देखते हुए पॉजिटिव आउटलुक (Positive Outlook) बनाए रखा है। ब्रोकरेज फर्म ने बताया कि कंपनी ने मार्केटिंग लागत बढ़ाने के बावजूद मजबूत सेल्स और मार्जिन एक्सपेंशन हासिल किया है, जिसे वह प्रभावी बिजनेस एग्जीक्यूशन का संकेत मानती है। हालांकि, Nomura ने यह भी चेतावनी दी कि फाइनेंशियल ईयर के अंत में ग्रोथ थोड़ी धीमी हो सकती है, क्योंकि इन मजबूत नतीजों के बेस इफेक्ट (Base Effect) को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
दूसरी ओर, HSBC ने 'होल्ड' (Hold) रेटिंग के साथ सतर्क रुख अपनाया है। मिल्क न्यूट्रिशन बिजनेस (Milk Nutrition Business) में रिकवरी और व्यापक रेवेन्यू सफलता को स्वीकार करते हुए, फर्म ने स्टॉक के वैल्यूएशन (Valuation) को मुख्य चिंता का विषय बताया। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि निवेशक जो प्रीमियम कीमत चुका रहे हैं, वह स्टॉक में और ज्यादा तेजी की संभावनाओं को सीमित करती है, जिससे संकेत मिलता है कि हाल की प्राइस गेन (Price Gain) में पहले से ही बहुत सारी पॉजिटिव खबरें शामिल हो चुकी हैं। निवेशकों के लिए, आगे चलकर कंपनी की वॉल्यूम ग्रोथ (Volume Growth) को मैनेज करने की क्षमता और अपेक्षित बेस इफेक्ट नॉर्मलाइजेशन (Base Effect Normalization) का सामना करते हुए प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।
