Nestle India के शेयरों में आज **2.75%** की गिरावट देखी गई, स्टॉक **₹1,487.90** पर आ गया। कंपनी ने जून तिमाही के नतीजे पेश किए हैं, जो मिले-जुले रहे हैं। जहां एक ओर तिमाही में कंपनी ने बढ़त दर्ज की, वहीं पिछले कुछ सालों के आंकड़े चिंता बढ़ा रहे हैं।
तिमाही नतीजे बनाम लंबी अवधि के रुझान
Nestle India ने जून 2026 तिमाही के लिए ₹6,378.18 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पेश किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 25.07% ज्यादा है। इस दौरान नेट प्रॉफिट में भी 47.92% का उछाल आया और यह ₹975.12 करोड़ रहा। हालांकि, इसी तिमाही में अर्निंग्स पर शेयर (EPS) 25.93% घटकर ₹4.97 रह गया।
वहीं, जब हम लंबी अवधि को देखते हैं, तो तस्वीर कुछ अलग दिखती है। फाइनेंशियल ईयर 2024 से 2026 के बीच, कंपनी का सालाना कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 5.08% घटकर ₹23,154.60 करोड़ हो गया। इस दो साल की अवधि में नेट प्रॉफिट भी 9.90% गिरकर ₹3,544.60 करोड़ (FY26) पर आ गया। सालाना EPS में तो 55.53% की भारी गिरावट आई, जो ₹40.79 (FY24) से घटकर ₹18.15 (FY26) रह गया।
बैलेंस शीट और ऑपरेशनल हेल्थ
कंपनी की एक मजबूत बात यह है कि वह कर्ज पर ज्यादा निर्भर नहीं है। Nestle India का 2026 में डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.00 रहा, जिसका मतलब है कि कंपनी पर कोई बड़ा कर्ज नहीं है। ऑपरेटिंग एक्टिविटीज से कैश फ्लो में भी 20.92% का सुधार हुआ और यह ₹5,047 करोड़ (FY26) पर पहुंच गया।
लेकिन, रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) में गिरावट देखी गई है। यह 2024 में 117.71% से घटकर 2026 में 67.85% हो गया। 68% का ROE अभी भी अच्छा माना जाता है, लेकिन गिरता हुआ रुझान निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है। इसी दौरान कंपनी की कुल संपत्ति और देनदारियां 25.26% बढ़ी हैं।
निवेशक अब यह देखेंगे कि क्या जून 2026 तिमाही की यह मजबूत ग्रोथ आगे भी जारी रह पाती है या नहीं, ताकि सालाना प्रॉफिटेबिलिटी में आई गिरावट की भरपाई हो सके। कंपनी का मैनेजमेंट भविष्य की ग्रोथ और कॉस्ट मैनेजमेंट को लेकर क्या कहता है, यह देखना अहम होगा।
