नतीजों पर रॉकेट हुआ शेयर!
Nestle India ने वित्तीय वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में अपने निवेशकों को खुश कर दिया है। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 45.12% बढ़कर ₹998.42 करोड़ पर पहुंच गया है। इस ज़बरदस्त ग्रोथ की मुख्य वजह घरेलू बिक्री (Domestic Sales) में आई तेज़ी और एक बड़ा टैक्स क्रेडिट (Tax Credit) रहा। कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू (Revenue) भी साल-दर-साल 18.57% बढ़कर ₹5,667.04 करोड़ हो गया है, जो कंपनी के विभिन्न प्रोडक्ट्स की डिमांड में बढ़ोतरी को दर्शाता है। यह नतीजे बाजार विश्लेषकों की उम्मीदों से कहीं बेहतर रहे हैं।
सस्टेनेबिलिटी और डिविडेंड का डबल धमाका
इस तिमाही में कंपनी के बॉटम लाइन (Bottom Line) को ₹156.95 करोड़ के एक खास आइटम क्रेडिट (Exceptional Item Credit) का भी लाभ मिला। वहीं, EBITDA 9% बढ़कर ₹1,202.07 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी की घरेलू बिक्री 18.3% के उछाल के साथ ₹5,402.6 करोड़ पर पहुंच गई। इस शानदार फाइनेंशियल परफॉरमेंस को देखते हुए, बोर्ड ने ₹7 प्रति इक्विटी शेयर का इंटरिम डिविडेंड (Interim Dividend) देने का ऐलान किया है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 6 फरवरी, 2026 तय की गई है।
इसके साथ ही, Nestle India ने सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए, Adani Green Energy Limited और Radiance Renewables Private Limited के साथ मिलकर दो स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPVs) में 26% तक निवेश करने की सिद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इन SPVs का मकसद कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स के लिए ग्रीन पावर सुनिश्चित करने वाले कैप्टिव रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट्स लगाना है। यह कदम भारतीय कंपनियों द्वारा ESG मैंडेट्स और खर्चों को मैनेज करने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी अपनाने के बढ़ते चलन के अनुरूप है।
शेयर में दिखी मज़बूत चाल
Nestle India के नतीजों का असर शेयर बाजार पर तुरंत देखने को मिला। 30 जनवरी, 2026 को शेयर 3.46% की तेज़ी के साथ ₹1,332.50 पर बंद हुआ, जो कि 52-हफ्ते का नया हाई (52-week high) है। उस दिन 5.29 लाख से ज़्यादा शेयर्स का वॉल्यूम ट्रेड हुआ, जो निवेशकों की मज़बूत दिलचस्पी को दर्शाता है। कंपनी का मार्केट कैप (Market Cap) अब लगभग ₹2.57 लाख करोड़ हो गया है। Nestle India फिलहाल 80-84x के P/E रेश्यो (P/E Ratio) पर ट्रेड कर रहा है, जो सेक्टर के औसत 34x से काफी ज़्यादा है। पिछले एक साल में Nestle India के शेयर ने Nifty 50 के लगभग 10% के मुकाबले 20% से ज़्यादा का रिटर्न दिया है।
FMCG सेक्टर और नेतृत्व में बदलाव
फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) सेक्टर में फिलहाल उम्मीद का माहौल है, जहां घटती महंगाई और ग्रामीण मांग में सुधार से 2026 में वॉल्यूम-आधारित ग्रोथ की उम्मीद है। हालांकि, इस सेक्टर में अन्य कंपनियों जैसे ITC (जिसका FMCG रेवेन्यू 11% बढ़ा पर मुनाफे में गिरावट आई) और Colgate-Palmolive India (जिसका रेवेन्यू 6.34% गिरा) का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है।
Nestle India ने इस दौरान कुछ महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन की भी घोषणा की है। Edouard Mac Nab को 1 मार्च, 2026 से चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) और Jagdeep Singh Marahar को 1 जून, 2026 से एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर – टेक्निकल नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा, कंपनी ने जनरल लाइसेंसिंग फीस के ₹101.21 करोड़ से जुड़े टैक्स मुकदमेबाजी (Tax Litigation) में भी सुप्रीम कोर्ट से अनुकूल समाधान हासिल किया है, जिससे एक कंटिंजेंट लायबिलिटी (Contingent Liability) समाप्त हो गई है।