Nestle India के शेयर आज रॉकेट बन गए! कंपनी ने पहली तिमाही में **48%** का शानदार मुनाफा कमाया है, जिसके बाद शेयर **52-हफ्ते के नए हाई** पर पहुंच गए। इस दमदार प्रदर्शन की वजह से प्रोडक्ट सेल्स में **25.4%** की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।
Detailed Coverage
Nestle India के नतीजे
Nestle India के निवेशकों के लिए बुधवार का दिन खुशियों भरा रहा। कंपनी ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए हैं। नतीजों के मुताबिक, कंपनी का नेट प्रॉफिट 48.2% बढ़कर ₹958.6 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹646.59 करोड़ था। इस शानदार परफॉरमेंस से निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान है, क्योंकि कंपनी ने कॉम्पिटिटिव कंज्यूमर गुड्स मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत की है।
सेल्स में तूफानी तेजी
कंपनी की प्रोडक्ट सेल्स से होने वाली कमाई में 25.4% का इजाफा हुआ है और यह ₹6,363.27 करोड़ तक पहुंच गई है, जो पिछले साल ₹5,073.96 करोड़ थी। इसमें डोमेस्टिक सेल्स का बड़ा योगदान रहा, जो 25% बढ़कर ₹6,073.05 करोड़ हो गई। वहीं, एक्सपोर्ट सेगमेंट में भी 35.64% की जोरदार तेजी देखने को मिली और यह ₹290.22 करोड़ पर पहुंच गई। कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि उनके सभी बड़े प्रोडक्ट ग्रुप्स ने डबल-डिजिट ग्रोथ दर्ज की है, जो बताता है कि डिमांड किसी एक सेगमेंट तक सीमित नहीं है।
शेयर बाजार में धूम
इन नतीजों के बाद Nestle India का शेयर NSE पर ₹1,494 के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निवेशकों के उत्साह को दर्शाता है। आज के कारोबार में 35 लाख से ज्यादा शेयर्स का ट्रेड हुआ है, जिससे यह Nifty 50 इंडेक्स में टॉप परफॉर्मर में से एक बन गया है। इस साल (2026) अब तक Nestle India ने 15% का रिटर्न दिया है, जबकि Nifty 50 इंडेक्स में इसी दौरान 8% की गिरावट आई है। पिछले एक साल में भी शेयर ने 22% का रिटर्न दिया है, जो बेंचमार्क इंडेक्स से काफी बेहतर है।
आगे क्या?
हालांकि, कंपनी की यह ग्रोथ शानदार है, पर निवेशकों की नजर यह ट्रैक करने पर होगी कि क्या यह मोमेंटम बना रहता है। FMCG सेक्टर में रॉ मटेरियल जैसे दूध, कॉफी और पैकेजिंग कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से प्रॉफिट मार्जिन पर असर पड़ सकता है। ऐसे में, कंपनी का कॉस्ट मैनेजमेंट और सभी प्रोडक्ट कैटेगरी में ग्रोथ बनाए रखने की क्षमता आगे चलकर महत्वपूर्ण होगी। शेयरहोल्डर्स इस बात पर भी मैनेजमेंट की कमेंट्री का इंतजार करेंगे कि कंपनी दूसरे बड़े प्लेयर्स की प्राइसिंग स्ट्रेटेजी से कैसे निपटेगी।
