Nestlé India अपने Gujarat स्थित Sanand फैक्ट्री में अपने 'Munch' कन्फेक्शनरी ब्रांड की प्रोडक्शन कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए ₹225 करोड़ का निवेश कर रही है। कंपनी अपने फंड का इस्तेमाल करके साल 2026 तक सालाना आउटपुट में 8,300 टन की बढ़ोतरी करेगी। यह कंपनी की बड़ी कैपेक्स (Capex) योजनाओं का हिस्सा है।
यह ऐलान कंपनी के दिसंबर तिमाही के शानदार नतीजों के ठीक बाद आया है। इस तिमाही में, Nestlé India का नेट प्रॉफिट 46% बढ़कर ₹1,018 करोड़ हो गया, जबकि रेवेन्यू (Revenue) 18.5% की बढ़ोतरी के साथ ₹5,667 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि, मार्जिन (Profit Margins) 2% घटकर 21.1% रह गया, जो बढ़ती लागतों (Cost Pressures) का संकेत देता है।
इस खबर से पहले, 19 मार्च, 2026 को Nestlé India का स्टॉक 1.23% गिरकर ₹1,190 पर बंद हुआ था, भले ही पिछले 12 महीनों में इसने 8.97% का रिटर्न दिया हो।
Nestlé India फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) सेक्टर में काम करती है, जहां एवरेज प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो करीब 33-34.7x है। लेकिन Nestlé India का स्टॉक 70x-73x के P/E रेश्यो पर ट्रेड कर रहा है, जो ITC ( 18.5x P/E) और Britannia Industries ( 58-62x P/E) जैसे प्रतिस्पर्धियों से काफी ज्यादा है।
भारतीय कन्फेक्शनरी मार्केट के 2034 तक ₹618.1 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है, जिसमें सालाना 4.99% की ग्रोथ देखी जाएगी। हालांकि, कंज्यूमर की पसंद अब हेल्दी और कम चीनी वाले उत्पादों की ओर शिफ्ट हो रही है। साथ ही, कोको और कॉफी जैसे कमोडिटी (Commodity) की बढ़ती कीमतें भी कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बना रही हैं।
इनvaluation और मार्जिन संबंधी चिंताओं के कारण, कुछ एनालिस्ट्स ने स्टॉक पर 'होल्ड' (Hold) रेटिंग दी है। वहीं, कंसेंसस (Consensus) 'स्ट्रॉन्ग बाय' (Strong Buy) रेटिंग और ₹1,495 का एवरेज 12-महीने का टारगेट प्राइस दे रहे हैं, हालांकि टारगेट ₹1,300 से ₹2,350 तक vary कर रहे हैं। कंपनी से अगले तीन सालों में रेवेन्यू में सालाना करीब 12% और अगले चार सालों में नेट इनकम में 9% की ग्रोथ की उम्मीद है। निवेशकों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि Nestlé India अपने मार्जिन को कैसे मैनेज करती है और अपने हाई स्टॉक वैल्यूएशन को कैसे जस्टिफाई करती है।