Nestle India के हालिया तिमाही नतीजों में 18.6% की दमदार ईयर-ऑन-ईयर रेवेन्यू ग्रोथ देखने को मिली है। कंपनी की सेल्स में इस उछाल की मुख्य वजह मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर फोकस रहा। हालांकि, इस ग्रोथ के साथ ही EBITDA में कम बढ़ोतरी (9.0%) और मार्जिन में 183 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट दर्ज की गई है। इसका मुख्य कारण कॉफी, कोको, दूध और पाम ऑयल जैसी कमोडिटीज के दाम में हुई बढ़ोतरी रही। इन सब के बीच, शेयर का महंगा होना (हाई वैल्युएशन) निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
सेल्स में उछाल, पर मुनाफे पर दबाव?
कंपनी की तीसरी तिमाही (Q3) की कुल आय ₹5,667 करोड़ रही, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 18.6% ज्यादा है। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर के मुताबिक, यह लगभग पांच सालों में सबसे मजबूत वॉल्यूम-लेड सेल्स ग्रोथ रही, जिसमें मीडिया पर बढ़ा हुआ खर्च और GST के बाद कैपेसिटी में विस्तार का योगदान रहा। लेकिन, बढ़ती इनपुट कीमतों ने मुनाफे को प्रभावित किया, जिससे EBITDA मार्जिन में 183 बेसिस पॉइंट्स की कमी आई। नतीजों के बाद, 2 फरवरी 2026 को शेयर में गिरावट दर्ज की गई और यह 4.51% की कमी के साथ ₹1,271.45 पर बंद हुआ। इस दिन 1,104,646 शेयर्स का वॉल्यूम ट्रेड हुआ, जो निवेशकों की सक्रियता को दर्शाता है।
वैल्यूएशन और कॉम्पिटिशन
Nestle India का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹2.47 लाख करोड़ है। शेयर का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो, जो निवेशकों के लिए चिंता का कारण है, फिलहाल पिछले बारह महीनों की कमाई के हिसाब से लगभग 76-85 गुना है। वहीं, ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher का अनुमान है कि FY28 के लिए यह 60 गुना हो सकता है। यह मौजूदा वैल्यूएशन को काफी महंगा बताता है। तुलनात्मक रूप से, Britannia Industries जैसी कंपनियाँ भी ऊँचे P/E पर ट्रेड कर रही हैं, लेकिन Nestle India का वैल्यूएशन उनसे भी अधिक है। भारतीय FMCG सेक्टर 2026 में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है, लेकिन Nestle India का हाई वैल्यूएशन एक बड़ा फैक्टर बना हुआ है।
ब्रोकरेज की 'होल्ड' रेटिंग
Prabhudas Lilladher ने Nestle India की ग्रोथ मोमेंटम को स्वीकार करते हुए स्टॉक पर 'होल्ड' रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज का मानना है कि स्टॉक का वैल्यूएशन काफी अधिक है। उन्होंने अपने डिस्काउंटेड कैश फ्लो (DCF) मॉडल के आधार पर टारगेट प्राइस को ₹1,359 से बढ़ाकर ₹1,394 कर दिया है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि कंपनी FY26-28 के बीच 15.2% की EPS CAGR हासिल कर सकती है। हालांकि, वर्तमान शेयर की कीमत को देखते हुए, निकट भविष्य में बड़े उछाल की उम्मीद कम है, जिसके कारण यह सतर्क रुख अपनाया गया है।