Nestle India ने 2026 की पहली छमाही में वैश्विक स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ते बाजार का दर्जा हासिल कर लिया है। कंपनी का रेवेन्यू **₹23,155 करोड़** के पार पहुंच गया है, जहां अब फोकस कीमतों के बजाय वॉल्यूम-आधारित विस्तार पर है।
ग्रोथ की नई कहानी
Nestle के ग्लोबल सीईओ फिलिप नवराटिल ने भारत को कंपनी का सबसे महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन करार दिया है। साल 2026 की पहली छमाही में कंपनी ने 14% की सालाना ग्रोथ के साथ ₹23,155 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है। भारत अब तेजी से Nestle के टॉप-5 वैश्विक बाजारों की सूची में शामिल होने की ओर बढ़ रहा है।
वॉल्यूम-लेड ग्रोथ की रणनीति
कंपनी ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। अब Nestle केवल महंगाई के कारण दाम बढ़ाने के बजाय, अपने मास और प्रीमियम उत्पादों की बिक्री की संख्या (वॉल्यूम) बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसके लिए मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में भारी निवेश किया जा रहा है। भारत अब केवल एक सेल्स हब नहीं, बल्कि 30 से अधिक देशों के लिए एक एक्सपोर्ट हब के रूप में काम कर रहा है, जहां आरएंडडी (R&D) और एआई (AI) का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
रिस्क और चुनौतियां
विकास के इस दौर के बीच कुछ चुनौतियां भी बनी हुई हैं। कच्चे माल जैसे दूध, अनाज और पैकेजिंग की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन पर दबाव डाल सकते हैं। इसके अलावा, हाल ही में कंपनी को ₹2.46 करोड़ का कस्टम डिमांड ऑर्डर और इतना ही जुर्माना मिलने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, कंपनी कर्ज मुक्त है और लगातार डिविडेंड देने का रिकॉर्ड रखती है, जो निवेशकों के लिए राहत की बात है। भविष्य में वॉल्यूम ग्रोथ को प्रॉफिटेबिलिटी के साथ तालमेल बिठाना कंपनी के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
