FSSAI ने दिल्ली के एक होटल में जांच के दौरान Nestlé के लो-फैट डेयरी व्हाइटनर के एक बैच को 'अनसेफ' और 'सबस्टैंडर्ड' घोषित कर दिया है। कंपनी पर पहले से ही इन्फेंट न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स को लेकर नियामक दबाव बना हुआ है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने जांच के बाद Nestlé के लो-फैट डेयरी व्हाइटनर के एक सैंपल को 'अनसेफ' और 'सबस्टैंडर्ड' करार दिया है। यह कार्रवाई नई दिल्ली स्थित 'द ललित' होटल से लिए गए सैंपल की लैब रिपोर्ट के बाद की गई है। अधिकारियों ने होटल प्रबंधन को उस विशेष बैच की बिक्री तुरंत रोकने के सख्त निर्देश दिए हैं।
नियामक दबाव और पिछला रिकॉर्ड
यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब Nestlé India पहले से ही नियामक जांच के दायरे में है। सितंबर 2026 में FSSAI ने कंपनी के इन्फेंट न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स, जैसे NAN Excella Pro Stage 1 और Lactogen Pro 1, के खिलाफ तीन अलग-अलग केस दर्ज किए थे। इन पर भ्रामक दावों और बायोटीन कंटेंट को लेकर सवाल उठे थे। डेयरी व्हाइटनर का मामला भले ही एक बैच तक सीमित हो, लेकिन यह कंपनी के पोर्टफोलियो पर बढ़ते रेगुलेटरी दबाव को दर्शाता है।
Nestlé India का कहना है कि उनके प्रोडक्ट्स सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं। 3 अक्टूबर 2026 तक कंपनी ने इस मामले पर शेयर बाजार में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
निवेशकों के लिए जोखिम
शेयरधारकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि क्या ये घटनाएं भविष्य में FSSAI की ओर से सख्त ऑडिट का कारण बनती हैं। इससे ऑपरेशनल अनिश्चितता और कानूनी खर्च बढ़ सकते हैं। फिलहाल Nestlé India का शेयर ₹1,307.70 के आसपास ट्रेड कर रहा है। हालांकि एक बैच का असर छोटा हो सकता है, लेकिन ब्रांड की साख पर पड़ने वाला असर निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना रह सकता है।
