Nestlé के ग्लोबल CEO फिलिप नवरिटिल ने भारत में FSSAI के सख्त फूड लेबलिंग नियमों का समर्थन किया है। यह कदम तब आया है जब FSSAI ने Nestlé India समेत बड़ी कंपनियों को **150** से अधिक नोटिस जारी किए हैं।
नियम और पारदर्शिता पर जोर
Nestlé की ग्लोबल लीडरशिप ने अब खुलकर FSSAI के उस प्रस्ताव का स्वागत किया है, जिसमें फूड लेबलिंग और खुलासे के नियमों को और सख्त करने की बात कही गई है। CEO फिलिप नवरिटिल का मानना है कि वैज्ञानिक आधार पर और पोर्शन साइज के हिसाब से जानकारी देने से ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा।
रेगुलेटरी दबाव और नोटिस
फिलहाल पैकेज्ड फूड सेक्टर में रेगुलेटरी सख्ती अपने चरम पर है। FSSAI ने भ्रामक विज्ञापनों और लेबलिंग को लेकर 150 से ज्यादा कंपनियों को नोटिस भेजे हैं, जिसमें Nestlé India भी शामिल है। इस कदम को कंपनी द्वारा कानूनी विवादों से बचने और एक जिम्मेदार ब्रांड के रूप में अपनी छवि सुधारने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
मार्केट का मिजाज और चुनौतियां
26 अगस्त 2026 को कंपनी के शेयर में सुस्ती देखी गई और यह करीब 1.72% फिसलकर ₹1,453.70 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर पर बढ़ते इनपुट कॉस्ट का दबाव भी निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है। दूध, अनाज और पैकेजिंग मटेरियल की महंगी कीमतों के कारण मार्जिन पर असर पड़ना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
कंपनी का लक्ष्य भारत को अपने टॉप 5 ग्लोबल मार्केट्स में शामिल करना है, लेकिन इसके लिए उन्हें रेगुलेटरी अनुपालन के साथ-साथ बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अपने प्रॉफिट मार्जिन को बचाए रखना होगा।
