NOTO Ice Cream: हेल्दी डेजर्ट ब्रांड ने पकड़ी मुनाफे की रफ्तार, ₹35 करोड़ तक पहुंची रेवेन्यू

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AuthorAditya Rao|Published at:
NOTO Ice Cream: हेल्दी डेजर्ट ब्रांड ने पकड़ी मुनाफे की रफ्तार, ₹35 करोड़ तक पहुंची रेवेन्यू

Kavv Foods के मालिकाना हक वाली NOTO Ice Cream ने FY26 में प्रॉफिटेबिलिटी हासिल कर ली है। कंपनी ने लो-शुगर डेजर्ट्स और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की मदद से ₹35 करोड़ का सालाना रेवेन्यू दर्ज किया है।

मुनाफे का सफर

साल 2019 में वरुण सेठ और अश्नि शाह द्वारा शुरू की गई NOTO Ice Cream ने अब एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। कंपनी ने FY26 में ₹35 करोड़ की सालाना रेवेन्यू दर्ज की है। कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल को पूरी तरह 'हेल्दी डेजर्ट्स' और 'लो-शुगर' विकल्पों पर केंद्रित रखा है, जिससे वे एक छोटे एक्सपेरिमेंट से निकलकर सस्टेनेबल बिजनेस बन गए हैं।

क्विक-कॉमर्स का जादू

NOTO की इस सफलता के पीछे सबसे बड़ा हाथ Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स का है। फिजिकल स्टोर खोलने के भारी-भरकम खर्च से बचने के लिए कंपनी ने इन डिलीवरी ऐप्स का सहारा लिया। इसके जरिए वे मुंबई, पुणे, दिल्ली-NCR, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे बड़े शहरों के ग्राहकों तक आसानी से पहुंच सके। फोकस बढ़ाने के लिए कंपनी ने अपने पुराने वेंचर '1Tablespoon' को भी बंद कर दिया है।

निवेश और भविष्य की राह

इस ब्रांड को जॉन अब्राहम, White Whale Ventures, Rainmatter और Inflection Point Ventures जैसे बड़े निवेशकों का साथ मिला है। कंपनी की प्राइवेट वैल्यूएशन ₹85 करोड़ तक पहुंच चुकी है। मैनेजमेंट का साफ कहना है कि उनका लक्ष्य बिना ज्यादा कैश फूंके लंबे समय तक टिके रहना है। अब कंपनी टायर-2 शहरों की ओर रुख करने की तैयारी में है।

चुनौतियां और कॉम्पिटिशन

भारतीय मार्केट में इस सेक्टर में Go Zero और Get-A-Way जैसे स्टार्टअप्स से कड़ी टक्कर है। वहीं, Amul और Kwality Wall's जैसे FMCG दिग्गज अपनी गहरी पहुंच के साथ बाजार में मजबूती से खड़े हैं। साथ ही, दूध की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ठंडे उत्पादों के लिए जरूरी 'कोल्ड-चेन' इंफ्रास्ट्रक्चर का खर्च कंपनी के मार्जिन पर सीधा असर डाल सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.