ई-कॉमर्स दिग्गज Myntra के लिए FY26 के नतीजे निराशाजनक रहे हैं। कंपनी पिछले साल के **₹548 करोड़** के मुनाफे से सीधे **₹579 करोड़** के घाटे में पहुंच गई है, जबकि ऑपरेशनल रेवेन्यू भी गिरकर **₹5,243 करोड़** पर आ गया है।
कभी Flipkart ग्रुप की इकलौती प्रॉफिटेबल यूनिट मानी जाने वाली Myntra अब बड़े वित्तीय संकट से जूझ रही है। ताजा रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक, कंपनी का रेवेन्यू 13% घटकर ₹5,243 करोड़ रह गया है, जो सीधे तौर पर बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बदलती कंज्यूमर डिमांड को दर्शाता है।
लीडरशिप में बड़ा बदलाव
वित्तीय मोर्चे पर इस उठापटक के बीच कंपनी ने अपने टॉप मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव किया है। लंबी पारी खेलने के बाद CEO नंदिता सिन्हा का 4 साल का कार्यकाल समाप्त हुआ और अब शेरॉन पैस (Sharon Pais) ने कमान संभाली है। मार्केट एक्सपर्ट्स की नजरें इस बात पर हैं कि नई लीडरशिप इस कठिन दौर से कंपनी को कैसे बाहर निकालती है।
बाजार में कड़ी टक्कर
ऑनलाइन फैशन के बाजार में मची होड़ ने भी कंपनी पर दबाव बढ़ाया है। Reliance Retail का Ajio, Nykaa और Tata CLiQ जैसे प्लेयर्स आक्रामक डिस्काउंट और लॉजिस्टिक्स में भारी निवेश कर रहे हैं। कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट (CAC) बढ़ने और ग्राहकों की खर्च करने की आदतों में बदलाव के चलते Myntra के लिए ग्रोथ और प्रॉफिट दोनों को एक साथ मेंटेन करना काफी मुश्किल हो गया है।
आने वाले समय में कंपनी की रणनीति अपने मार्जिन को सुधारने, ऑपरेशंस को ऑप्टिमाइज़ करने और प्रोडक्ट मिक्स में बदलाव करने पर केंद्रित रहेगी।
