मुंबई के चर्चगेट में मौजूद मशहूर K Rustom आइसक्रीम पार्लर का लाइसेंस महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने सस्पेंड कर दिया है। गंभीर हाइजीन (Hygiene) और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के चलते यह कार्रवाई की गई है।
क्यों हुआ लाइसेंस सस्पेंड?
FDA के अधिकारियों ने हाल ही में K Rustom पर एक सरप्राइज इंस्पेक्शन (Surprise Inspection) किया था। इस दौरान, पार्लर के किचन और स्टोरेज एरिया में चूहे और मक्खियां पाई गईं, जो खाद्य सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।
एक्सपायर्ड फ्लेवर का इस्तेमाल!
इंस्पेक्शन में चौंकाने वाली बात सामने आई कि पार्लर पिस्ता (Pistachio), स्ट्रॉबेरी (Strawberry) और पाइनएप्पल (Pineapple) जैसे फ्लेवर के एक्सपायर्ड (Expired) आर्टिफिशियल फ्लेवरिंग एजेंट्स (Artificial Flavouring Agents) का इस्तेमाल कर रहा था। FDA की टीम ने मौके पर ही इन एक्सपायर्ड चीजों को नष्ट करवा दिया ताकि इन्हें खाने-पीने की चीजों में इस्तेमाल न किया जा सके।
'सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र' पहल का असर
यह कार्रवाई राज्य सरकार के 'सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र' (Safe Food, Safe Maharashtra) अभियान का हिस्सा है, जिसका नेतृत्व FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे कर रहे हैं। इसका मकसद पूरे राज्य में खाद्य प्रतिष्ठानों में फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स (Food Safety Standards) को सख्ती से लागू करना है।
क्वालिटी में भी गड़बड़
सिर्फ हाइजीन ही नहीं, क्वालिटी के मामले में भी K Rustom सवालों के घेरे में है। पहले हुई एक लैब टेस्टिंग में पार्लर के आइसक्रीम में मिल्क फैट (Milk Fat) की मात्रा सिर्फ 7.94% पाई गई थी, जो कि FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) द्वारा तय 10% की मिनिमम लिमिट (Minimum Limit) से काफी कम है। कोल्ड चेन (Cold Chain) मेंटेनेंस में भी दिक्कतें सामने आई हैं।
अब देखना यह होगा कि मैनेजमेंट इन सभी खामियों को कब तक दूर कर पाता है और क्या FDA की समीक्षा के बाद K Rustom अपना लाइसेंस वापस हासिल कर पाता है या नहीं।
