Mumbai Milk Producers’ Welfare Association ने होलसेल भैंस के दूध की कीमतों में ₹9 प्रति लीटर की बढ़ोतरी का ऐलान किया है, जिससे अब भाव ₹102 हो गया है। रिटेल मार्केट में दाम ₹125 तक जा सकते हैं, जिसका सीधा असर डेरी कंपनियों के मार्जिन पर पड़ सकता है।
ऐतिहासिक उछाल और इसकी वजह
Mumbai Milk Producers’ Welfare Association (MMPA) ने दूध की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी की है। 1 सितंबर, 2026 से प्रभावी यह नई दरें ₹102 प्रति लीटर तय की गई हैं। एसोसिएशन के मुताबिक, यह एक ऐतिहासिक बढ़ोतरी है जो 28 फरवरी, 2027 तक लागू रहेगी। कीमतों में इस उछाल के पीछे मुख्य वजह पशुपालन और चारे की लागत में हुई बेतहाशा वृद्धि है। दुधारू पशुओं को खरीदने की लागत में 60 से 70 फीसदी तक का इजाफा हुआ है, जबकि चारे की कीमतों में भी 25 फीसदी तक की तेजी आई है। इसका सीधा असर आम ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा और रिटेल कीमतें ₹115 से ₹125 प्रति लीटर तक पहुंच सकती हैं।
डेरी स्टॉक्स के लिए चुनौती
शेयर बाजार के निवेशकों के लिए यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है। Parag Milk Foods, Heritage Foods, Hatsun Agro और Dodla Dairy जैसी लिस्टेड कंपनियों के सामने अब एक कठिन चुनौती है। इन कंपनियों को यह तय करना होगा कि क्या वे बढ़ी हुई इनपुट कॉस्ट को ग्राहकों पर डालेंगी या फिर अपने प्रॉफिट मार्जिन (EBITDA margins) को कम करेंगी।
फेस्टिवल सीजन और डिमांड का रिस्क
यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब देश में त्योहारी सीजन (गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दिवाली और शादियों का सीजन) शुरू होने वाला है। आमतौर पर इन महीनों में दूध की खपत में 35 से 40 फीसदी का उछाल आता है। हालांकि, अगर कीमतें ज्यादा होने के कारण मिठाइयों की दुकानें और कमर्शियल मैन्युफैक्चरर्स अपनी खरीद घटाते हैं, तो डेरी कंपनियों के लिए वॉल्यूम ग्रोथ बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। अब निवेशकों की नजरें कंपनियों के मैनेजमेंट कमेंट्री पर होंगी कि वे बढ़ती महंगाई के बीच मुनाफा कैसे बरकरार रखते हैं।
