Motilal Oswal ने Tata Consumer Products पर अपना 'Buy' रेटिंग बरकरार रखा है और शेयर के लिए ₹1,500 का टारगेट प्राइस तय किया है। हालिया बाजार दबाव के बीच स्टॉक फिलहाल ₹1,049 के आसपास कारोबार कर रहा है। ब्रोकरेज का यह पॉजिटिव आउटलुक कंपनी के एक डाइवर्सिफाइड फूड और बेवरेज प्लेटफॉर्म के रूप में रणनीतिक बदलाव से प्रेरित है।
Motilal Oswal का भरोसा बरकरार
Motilal Oswal Securities ने Tata Consumer Products के लिए अपनी 'Buy' रिकमेंडेशन दोहराई है, साथ ही शेयर के लिए ₹1,500 का टारगेट प्राइस सेट किया है। यह टारगेट ऐसे समय में आया है जब स्टॉक हाल के बाजार दबाव के चलते ₹1,049-₹1,050 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
डाइवर्सिफाइड F&B की ओर कदम
ब्रोकरेज की उम्मीद Tata Consumer Products के चल रहे स्ट्रक्चरल ट्रांसफॉर्मेशन पर टिकी है। कंपनी चाय और नमक पर अपनी पारंपरिक निर्भरता कम कर रही है और एक डाइवर्सिफाइड फूड और बेवरेज (F&B) एंटिटी के रूप में विकसित हो रही है। इस बदलाव में Tata Sampann, Tata Soulfull, Tata MyBistro, Capital Foods और Organic India जैसे ग्रोथ-ओरिएंटेड बिजनेस को बढ़ाना शामिल है।
कंपनी मैनेजमेंट इनोवेशन पर फोकस कर रहा है। नए प्रोडक्ट लॉन्च में तेज वृद्धि देखी गई है, जो FY25 में 41 से बढ़कर FY26 में 80 हो गए हैं। इनमें से 55% नए प्रोडक्ट्स हेल्थ और वेलनेस सेगमेंट के लिए थे, जिसे कंपनी एक अहम differentiator मानती है। इन इनोवेशन का कुल बिक्री में योगदान FY22 के 2.7% से बढ़कर FY26 में 4.5% हो गया है।
फाइनेंशियल अनुमान
Motilal Oswal के एनालिस्ट्स ने FY26 से FY28 के बीच कंपनी के लिए मजबूत ग्रोथ का अनुमान लगाया है। वे रेवेन्यू में 10%, EBITDA में 16% और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 21% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) की उम्मीद कर रहे हैं। इन अनुमानों के अनुसार, कंपनी के प्रीमियम प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को अपनाने से मार्जिन में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
मुख्य जोखिम और मॉनिटर करने योग्य बातें
हालांकि ब्रोकरेज पॉजिटिव है, लेकिन निवेशकों को कुछ ऑपरेशनल और बाहरी जोखिमों से अवगत रहना चाहिए। पहला, कंपनी के नॉन-ब्रांडेड बिजनेस ग्लोबल कमोडिटी प्राइस में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील हैं, खासकर कॉफी सेगमेंट में। यदि लागत अप्रत्याशित रूप से बढ़ती है तो यह प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकता है।
दूसरा, कंपनी विस्तार और अधिग्रहण के दौर से गुजर रही है। Capital Foods और Organic India जैसे नए ब्रांडों का सफल इंटीग्रेशन महत्वपूर्ण है। इन एंटिटीज के इंटीग्रेशन में किसी भी तरह की देरी या उम्मीद से ज्यादा लागत शॉर्ट-टर्म फाइनेंशियल परफॉरमेंस को प्रभावित कर सकती है।
अंत में, व्यापक FMCG सेक्टर में प्रतिस्पर्धी दबाव और कंज्यूमर खर्च में संभावित मंदी का सामना करना पड़ रहा है। निवेशकों को यह ट्रैक करना चाहिए कि कंपनी आक्रामक प्रोडक्ट विस्तार को इन बाजार वास्तविकताओं के साथ कैसे संतुलित करती है, और आने वाली तिमाहियों में अनुमानित मार्जिन और प्रॉफिटेबिलिटी ग्रोथ हासिल होती है या नहीं।
